
रीवा: मध्य प्रदेश में लगातार हो रही बारिश के बीच रीवा और सतना जिले में जलभराव एवं बाढ़ की स्थिति को लेकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शनिवार देर रात समीक्षा बैठक की। दिल्ली से सीधे रीवा पहुंचे मुख्यमंत्री ने सर्किट हाउस से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए दोनों जिलों के कलेक्टरों से हालात की जानकारी ली और राहत एवं बचाव कार्यों को तेज करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि बाढ़ प्रभावित लोगों को तत्काल भोजन, कपड़े और शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराया जाए। प्रभावित क्षेत्रों का सर्वे कराकर आरबीसी 6/4 के प्रावधानों के तहत राहत राशि उपलब्ध कराने के भी निर्देश दिए गए हैं। पशुहानि समेत अन्य नुकसान का आकलन कर पात्र लोगों को नियमानुसार सहायता देने को कहा गया है।
चित्रकूट में स्थिति गंभीर, रेस्क्यू टीमें सक्रिय
मुख्यमंत्री ने बताया कि चित्रकूट क्षेत्र में सिमरावल नदी के बढ़े जलस्तर और लगातार बारिश के कारण बाढ़ की स्थिति कुछ गंभीर हुई है। प्रशासन और रेस्क्यू टीमें लगातार राहत एवं बचाव कार्य में जुटी हैं। अब तक करीब 700 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। इनमें कुछ लोगों को हेलीकॉप्टर और अन्य लोगों को नावों के जरिए रेस्क्यू किया गया।
प्रभावित लोगों के लिए अलग-अलग 10 स्थानों पर आश्रय स्थल बनाए गए हैं, जहां भोजन, चिकित्सा और अन्य जरूरी सुविधाओं की व्यवस्था की गई है। कुछ स्थानों पर अभी भी रेस्क्यू अभियान जारी है।
श्रद्धालुओं की सुरक्षा पर विशेष निर्देश
मुख्यमंत्री ने चित्रकूट आने वाले श्रद्धालुओं और स्थानीय रहवासियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। श्रद्धालुओं के लिए भोजन पैकेट उपलब्ध कराने के साथ ही सद्गुरु आश्रम में ठहरे लोगों की जानकारी लेकर उनके परिजनों से संपर्क कराने और बातचीत करवाने को कहा गया।जैतवारा गांव में बड़ी संख्या में लोगों के रुके होने की जानकारी सामने आई है। यहां प्रशासन की ओर से भोजन, पानी और कपड़ों की व्यवस्था की गई है।
डैम को नुकसान का आकलन जारी
मुख्यमंत्री ने बताया कि नया गांव डैम को नुकसान पहुंचा है जिसका आकलन किया जा रहा है। उन्होंने रीवा-सतना और सतना-चित्रकूट मार्ग की स्थिति की भी जानकारी ली। अधिकारियों ने बताया कि रीवा में फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है और बाढ़ प्रभावित लोगों के प्रकरण तैयार किए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि संकट की इस घड़ी में फंसे प्रत्येक व्यक्ति तक तत्काल मदद पहुंचाना प्रशासन की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि रविवार को वे स्वयं बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर स्थिति का जायजा लेंगे और राहत एवं बचाव व्यवस्थाओं की समीक्षा करेंगे।




















