

नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। कांग्रेस और समाजवादी पार्टी (सपा) के बीच संभावित गठबंधन को लेकर एक बार फिर चर्चाएं जोर पकड़ने लगी हैं। कांग्रेस सांसदों ने पार्टी नेतृत्व के साथ बैठक कर यूपी चुनाव में सपा के साथ गठबंधन को लेकर अपनी राय रखी है।कांग्रेस नेताओं का मानना है कि यदि सपा के साथ गठबंधन जल्द तय होता है, तो इससे पार्टी को चुनावी लाभ मिल सकता है। नेताओं का तर्क है कि संयुक्त विपक्ष के रूप में बीजेपी को चुनौती देने की संभावना मजबूत हो सकती है।
राहुल गांधी ने सांसदों से ली राय
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, कांग्रेस नेता राहुल गांधी यूपी में गठबंधन की संभावनाओं को लेकर सक्रिय हैं। उन्होंने हाल ही में पार्टी के लोकसभा और राज्यसभा सांसदों के साथ बैठक कर आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों पर चर्चा की। इस बैठक में कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा भी मौजूद थीं।
बैठक में यूपी के सांसदों ने सपा के साथ गठबंधन के पक्ष में राय रखी। नेताओं ने सुझाव दिया कि गठबंधन की प्रक्रिया को जल्द पूरा किया जाना चाहिए, ताकि चुनावी तैयारियों के लिए पर्याप्त समय मिल सके।
2024 लोकसभा चुनाव का दिया उदाहरण
कांग्रेस सांसदों ने बैठक में कहा कि 2024 के लोकसभा चुनाव में सपा और कांग्रेस ने मिलकर उत्तर प्रदेश में बेहतर प्रदर्शन किया था। इसी रणनीति को विधानसभा चुनाव में भी आगे बढ़ाने की बात कही गई।हालांकि, नेताओं ने सीट बंटवारे को लेकर सतर्क रुख अपनाने की सलाह दी है। कांग्रेस सांसदों का कहना है कि पार्टी को ऐसी सीटों पर ज्यादा ध्यान देना चाहिए जहां जीत की संभावना मजबूत हो। इसके साथ ही गठबंधन में सम्मानजनक सीट हिस्सेदारी सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया है।
सीट बंटवारे पर जल्द शुरू हो सकती है बातचीत
कांग्रेस नेताओं के अनुसार, सपा के साथ गठबंधन को लेकर बातचीत आगे बढ़ सकती है। पार्टी के नए यूपी प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम ने भी सीटों को लेकर तैयारियां शुरू कर दी हैं।फिलहाल दोनों दलों की ओर से गठबंधन को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है, लेकिन नेताओं की बैठकों और बयानों से साफ है कि यूपी चुनाव से पहले विपक्षी गठबंधन की संभावनाओं पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है।











