Mohan Bhagwat Statement On GEN-Z: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत ने Gen-Z और Gen-Alpha पीढ़ी को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि उन्हें नई पीढ़ी पर पूरा भरोसा है और किसी मुद्दे पर विरोध करने मात्र से युवाओं को देश विरोधी नहीं कहा जा सकता।गुरुवार को Gen-Z और Gen-Alpha के साथ बातचीत के दौरान भागवत ने कहा कि आज की युवा पीढ़ी सवाल पूछती है और अपनी बात रखने का तरीका अलग रखती है। उन्होंने कहा कि यदि युवा किसी विषय को लेकर आवाज उठा रहे हैं तो उसके पीछे कोई वजह जरूर होती है।

आंदोलन भी संवाद का एक माध्यम है

मोहन भागवत ने कहा कि आंदोलन भी अपनी बात रखने और संवाद करने का एक तरीका हो सकता है। उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में सुधार की काफी जरूरत है, लेकिन इस दिशा में अभी बहुत काम किया जाना बाकी है।उन्होंने कहा कि पहले की पीढ़ियां अक्सर बड़ों की बात को बिना सवाल किए स्वीकार कर लेती थीं, जबकि आज की पीढ़ी तर्क और जवाब चाहती है। नई पीढ़ी को केवल निर्देश नहीं, बल्कि समझ और संवाद की जरूरत है।

Gen-Z के सवालों को गंभीरता से लेने की जरूरत

आरएसएस प्रमुख ने कहा कि आज के युवा हर विषय को अपने नजरिये से देखते हैं और सवाल पूछते हैं। उन्होंने कहा कि सवाल करना गलत नहीं है, बल्कि इससे व्यवस्था में सुधार की संभावनाएं बढ़ती हैं।उन्होंने कहा कि यदि Gen-Z किसी मुद्दे पर विरोध करती है तो उसे केवल विरोध के रूप में नहीं देखना चाहिए। यह देश की अगली पीढ़ी है और उसकी चिंताओं को समझना जरूरी है।

शिक्षा व्यवस्था में सुधार को बताया जरूरी

बातचीत के दौरान शिक्षा व्यवस्था से जुड़े सवालों पर भी मोहन भागवत ने अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि शिक्षा कोई व्यावसायिक व्यापार नहीं है, बल्कि हर व्यक्ति की मूल आवश्यकता है।स्कूलों में सुविधाओं की कमी को लेकर पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा कि जहां व्यवस्था कमजोर है, वहां सुधार की जरूरत है। उन्होंने शिक्षा को समाज की सामूहिक जिम्मेदारी बताया।उन्होंने कहा कि शिक्षकों को बेहतर प्रशिक्षण मिलना चाहिए और शिक्षा के क्षेत्र में सभी लोगों के सहयोग की आवश्यकता है।

युवाओं पर जताया भरोसा

मोहन भागवत ने कहा कि Gen-Z और Gen-Alpha पीढ़ी अधिक ईमानदार है। उन्होंने कहा कि बच्चों पर कार्रवाई या किसी आंदोलन के दौरान हुई घटनाओं के पीछे की वास्तविक वजहों को समझना जरूरी है।उन्होंने कहा कि हर घटना की पूरी जानकारी के बाद ही निष्कर्ष निकालना चाहिए। साथ ही उन्होंने दोहराया कि उन्हें नई पीढ़ी की क्षमता और सोच पर विश्वास है।

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