खरोरा: तिल्दा जनपद पंचायत के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत केसला में स्वच्छ भारत मिशन के तहत शौचालय निर्माण के लिए मिलने वाली प्रोत्साहन राशि के नाम पर कथित अवैध वसूली का मामला सामने आया है। आरोप है कि हितग्राहियों से 12 हजार रुपये की शासकीय सहायता राशि जारी कराने के एवज में प्रति व्यक्ति दो हजार रुपये वसूले गए।मामले की शिकायत मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 में दर्ज कराई गई, जिसके बाद प्रशासन ने जांच प्रक्रिया शुरू कर दी है।

175 हितग्राहियों से वसूली का आरोप

शिकायतकर्ताओं के अनुसार, ग्राम पंचायत के उपसरपंच लोमश देवांगन के निर्देश पर पंचायत कर्मी पूजा देवांगन ने हितग्राहियों से राशि एकत्र की।आरोप है कि जांच के दौरान अधिकारियों के सामने पंचायत कर्मी ने यह स्वीकार किया कि उपसरपंच के कहने पर ही लोगों से पैसे लिए गए थे। शिकायत में दावा किया गया है कि करीब 175 हितग्राहियों से दो-दो हजार रुपये लेकर पूरी राशि और संबंधित रजिस्टर उपसरपंच को सौंप दिए गए।यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो वसूली की कुल राशि लाखों रुपये तक पहुंच सकती है।

सरपंच ने जताई अनभिज्ञता

ग्राम पंचायत की सरपंच मया वंशे और बलराम बंजारे ने पूरे मामले की जानकारी होने से इनकार किया है। उनका कहना है कि उन्हें कथित वसूली की कोई जानकारी नहीं थी।

जांच के लिए टीम गठित

जनपद पंचायत तिल्दा के मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने बताया कि मामले की जांच के लिए एक जांच दल का गठन कर दिया गया है। जांच पूरी होने के बाद रिपोर्ट के आधार पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

जनप्रतिनिधियों ने की सख्त कार्रवाई की मांग

जनपद सदस्य सरोज मुकेश भारद्वाज ने कहा कि सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के नाम पर हितग्राहियों से अवैध वसूली किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जा सकती। यदि जांच में आरोप सही साबित होते हैं तो दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए।वहीं ग्राम पंचायत केसला के पंच पन्ना देवांगन, शेखर देवांगन, नरेश कुर्रे, छविलाल नशीने, गायत्री सत्यनारायण कुर्रे सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने भी मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई करने की मांग की है।

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