

पुणे : बहुचर्चित केतन अग्रवाल हत्याकांड में गिरफ्तार मुख्य आरोपी और मृतक की मंगेतर सिया गोयल एक बार फिर सुर्खियों में है। इस बार मामला हत्या की जांच से नहीं, बल्कि कोर्ट ले जाते समय मीडिया के सामने उसके कथित आपत्तिजनक व्यवहार को लेकर चर्चा में आया है।जानकारी के अनुसार, पुलिस जब सिया गोयल को अदालत में पेश करने के लिए लेकर जा रही थी, तभी वहां मौजूद मीडिया कैमरों को देखकर उसने कथित तौर पर मध्यमा उंगली (मिडिल फिंगर) दिखाते हुए अशोभनीय इशारा किया।

इस घटना का करीब 17 सेकंड का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में सिया ने अपने चेहरे को प्रिंटेड स्कार्फ से ढका हुआ है और वह काली टी-शर्ट पहने नजर आ रही है। इस वीडियो के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं।

उधर, पुलिस की जांच में हत्याकांड को लेकर कई अहम खुलासे हुए हैं। जांच एजेंसियों का आरोप है कि सिया गोयल ने अपने कथित प्रेमी चेतन चौधरी के साथ मिलकर अपने मंगेतर केतन अग्रवाल की हत्या की साजिश रची। पुलिस का कहना है कि दोनों इस रिश्ते से खुश नहीं थे और इसी वजह से केतन को रास्ते से हटाने की योजना बनाई गई।जांच के मुताबिक, हत्या की साजिश कई दिन पहले तैयार की गई थी। आरोप है कि 14 जून को सिया ने केतन को एक किले पर बुलाया, जहां उसे खाई में धक्का देने की कोशिश की गई, लेकिन वह झाड़ियों में फंस जाने के कारण बच निकला। पुलिस का दावा है कि उस दौरान सिया ने एक कथित नाटक कर उसका ध्यान भटकाया, जिससे उसे किसी साजिश का शक न हो।

इसके बाद 18 जून को केतन को दोबारा उसी स्थान पर बुलाया गया। जांच के अनुसार, इस बार सिया और चेतन ने कथित रूप से उसे पीछे से गहरी खाई में धक्का दे दिया, जिससे उसकी मौत हो गई।पुलिस का कहना है कि घटना के बाद सिया के व्यवहार और उसके बयानों में कई विसंगतियां मिलीं, जिसके बाद तकनीकी साक्ष्यों और पूछताछ के आधार पर पूरे मामले का खुलासा हुआ। इसके बाद पुलिस ने सिया गोयल और चेतन चौधरी को गिरफ्तार कर लिया।पुणे ग्रामीण पुलिस दोनों आरोपियों को वडगांव कोर्ट में पेश कर उनकी पुलिस रिमांड की मांग करेगी, जबकि बचाव पक्ष की ओर से न्यायिक हिरासत की मांग किए जाने की संभावना है।फिलहाल मामले की जांच जारी है। पुलिस का कहना है कि सभी उपलब्ध साक्ष्यों और परिस्थितियों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। आरोपों पर अंतिम निर्णय अदालत के फैसले के बाद ही माना जाएगा।











