

बलरामपुर: कलेक्टर चंदन संजय त्रिपाठी ने जिला मुख्यालय बलरामपुर के विभिन्न सार्वजनिक एवं संस्थागत परिसरों तथा अधोसंरचनात्मक कार्यों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने बस स्टैंड, ऑडिटोरियम, एसआरएलएम सेंटर, सखी वन स्टॉप सेंटर, निर्माणाधीन मांगलिक भवन एवं ऑफिसर्स क्लब का अवलोकन करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
निरीक्षण की शुरुआत में बस स्टैंड पहुंच कलेक्टर ने परिसर की साफ-सफाई, भवन की स्थिति, यात्रियों के बैठने की व्यवस्था, पेयजल एवं शौचालय सहित अन्य मूलभूत सुविधाओं का जायजा लेते हुए नियमित साफ-सफाई बनाए रखने के निर्देश दिए। तत्पश्चात् ऑडिटोरियम भवन का निरीक्षण करते हुए वहां स्थापित एयर कंडीशनर, विद्युत व्यवस्था, पंखों एवं अन्य उपकरणों की स्थिति का अवलोकन कर आवश्यक मरम्मत एवं रखरखाव के लिए नगरीय प्रशासन विभाग को भेजने हेतु प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए।
इस दौरान कलेक्टर मुख्यालय के वार्ड क्रमांक-2 स्थित एसआरएलएम सेंटर पहुंचीं, जहां स्व-सहायता समूह की महिलाएं घर-घर से एकत्रित कचरे का पृथक्करण कर रही थीं। उन्होंने समूह की महिलाओं से संवाद कर कचरे के पृथक्करण की पूरी प्रक्रिया की जानकारी ली। महिलाओं ने बताया कि सूखा, गीला एवं अन्य अपशिष्टों को अलग-अलग श्रेणियों में विभाजित कर उनका निष्पादन किया जाता है। कलेक्टर ने वहां स्थापित मशीनों, उपकरणों तथा कचरा पृथक्करण की पूरी प्रक्रिया का भी अवलोकन किया।
निरीक्षण के दौरान मेडिकल वेस्ट के रूप में सेग्रिगेशन शेड में सिरिंज मिलने पर कलेक्टर ने गंभीरता व्यक्त की। समूह की महिलाओं ने बताया कि यह अपशिष्ट मेडिकल स्टोर्स से निकलने वाले कचरे के साथ पहुंच रहा है। इस पर कलेक्टर ने तत्काल संबंधित अधिकारियों को टीम गठित कर मेडिकल स्टोर्स का निरीक्षण करने तथा बायो-मेडिकल वेस्ट के वैज्ञानिक एवं नियमानुसार निस्तारण की व्यवस्था सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यदि कोई मेडिकल प्रतिष्ठान नियमों का उल्लंघन करता पाया गया तो उसके विरुद्ध नियमानुसार कड़ी कार्रवाई, आवश्यक होने पर लाइसेंस निरस्तीकरण की प्रक्रिया भी अपनाई जाएगी। कलेक्टर ने सेग्रिगेशन शेड में एकत्रित प्लास्टिक, सीमेंट की खाली बोरियों तथा अन्य पुनर्चक्रण योग्य सामग्री के बेहतर उपयोग पर भी जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कह कि स्थानीय कबाड़ व्यवसायियों एवं संबंधित एजेंसियों से समन्वय स्थापित कर इन सामग्रियों का व्यावसायिक उपयोग सुनिश्चित किया जाए।
ततपश्चात उन्होंने सखी वन स्टॉप सेंटर का निरीक्षण कर महिलाओं को उपलब्ध कराई जा रही सहायता, परामर्श एवं अन्य सेवाओं की जानकारी ली। इस दौरान कलेक्टर ने अधूरे मांगलिक भवन की वर्तमान स्थिति की विस्तृत जानकारी अधिकारियों से लेकर आवश्यक निर्देश दिए। कलेक्टर ने ऑफिसर्स क्लब पहुंच परिसर में संरक्षित आदिवासी संस्कृति से जुड़े पारंपरिक आभूषणों, कृषि एवं दैनिक उपयोग के प्राचीन औजारों तथा अन्य विरासत सामग्री का अवलोकन किया। उन्होंने इन अमूल्य धरोहरों के संरक्षण पर विशेष जोर देते हुए परिसर में नियमित साफ-सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही अनाधिकृत व्यक्तियों के प्रवेश पर तत्काल रोक लगाने तथा संग्रहित सामग्री की सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए।
इस दौरान अनुविभागीय अधिकारी(रा.) अभिषेक गुप्ता, मुख्य नगर पालिका अधिकारी दीपक एका सहित अन्य अधिकारी/कर्मचारी उपस्थित थे।










