
Dhar News: मध्यप्रदेश के धार से बड़ी ही अनोखी खबर सामने आई है. दरअसल, यहां के ग्राम खेरवास में ध्वजारोहण करने पहुंचे सरपंच प्रतिनिधि रजनीश मालवीय को जमीनी हकीकत दिखा दी. कई बार शिकायत करने के बजाय गांव वालों ने सरपंच प्रतिनिधि को कार्यक्रम के बाद कीचड़ वाले रास्ते से पैदल ले गए. जिसमें उनका कहना था कि, जिस रास्ते से वे रोज पानी में होकर गुजरते हैं,उसी रास्ते पर जिम्मेदार भी चले,तभी समस्या की असलियत समझ आएगी.
क्या है जमीनी हकीकत?
गांव में बारिश के बाद कई जगह पानी भर जाता है. निकासी की व्यवस्था न होने से यह पानी कई दिन तक जमा रहता है. इसी गंदे पानी और कीचड़ से होकर स्कूली बच्चे, महिलाएं और बुजुर्ग रोज गुजरने को मजबूर हैं। ग्रामीणों का कहना है कि फिसलने और बीमारियों का खतरा लगातार बना रहता है.
कार्यक्रम के बाद दिखाई जमीनी हकीकत
कार्यक्रम के बाद ग्रामीणों ने मंच पर अपनी बात रखने के बजाय सरपंच प्रतिनिधि को मौके पर ले जाकर समस्या दिखाई. बड़ी संख्या में मौजूद महिलाओं ने भी जलभराव की परेशानी बताई. ग्रामीणों का तर्क था कि जब तक जिम्मेदार खुद इस रास्ते से नहीं गुजरेंगे, तब तक समस्या की गंभीरता समझ नहीं आएगी.
इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो ग्रामीणों ने बना लिया, जो बाद में सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। लोगों का कहना था कि कागजों और भाषणों से ज्यादा असर जमीनी हकीकत दिखाने से पड़ता है.
क्या बोले सरपंच प्रतिनिधि ?
रजनीश मालवीय ने कहा कि पंचायत का क्षेत्र काफी बड़ा है और यह जलभराव गांव के एक मजरे में है। कुछ घरों के सामने मुरम डालने से निकासी रुकी है. उन्होंने आश्वासन दिया कि अगले 3 से 4 दिन में मुरम डलवाकर रास्ते ठीक कराए जाएंगे. उन्होंने यह भी कहा कि गांव के बाकी हिस्सों में ज्यादातर सीसी रोड हैं, वहां ऐसी दिक्कत नहीं है.




















