नई दिल्ली/सेशेल्स। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सेशेल्स के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘गार्जियन ऑफ द ब्लू होराइजन’ से सम्मानित किया गया है। यह सम्मान उन्हें पर्यावरण संरक्षण, जलवायु परिवर्तन से मुकाबले और सतत विकास के क्षेत्र में उनके नेतृत्व एवं योगदान के लिए प्रदान किया गया। सम्मान मिलने के बाद प्रधानमंत्री ने इसे 140 करोड़ भारतीयों के साथ-साथ जलवायु संरक्षण के लिए काम कर रहे सभी देशों को समर्पित किया।

सम्मान को बताया पूरे भारत का गौरव

सम्मान ग्रहण करने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रपति डॉ. पैट्रिक हर्मिनी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सेशेल्स की जनता और सरकार ने जिस आत्मीयता से उनका स्वागत किया, वह अविस्मरणीय है। उन्होंने कहा कि 'गार्जियन ऑफ द ब्लू होराइजन' सम्मान केवल उनका नहीं, बल्कि पूरे भारत के 140 करोड़ नागरिकों का सम्मान है।

जलवायु संरक्षण के लिए समर्पित किया सम्मान

प्रधानमंत्री ने कहा कि वह इस सम्मान को उन सभी देशों को समर्पित करते हैं, जो जलवायु परिवर्तन की चुनौती का सामना कर रहे हैं और पर्यावरण संरक्षण को आने वाली पीढ़ियों के प्रति अपनी जिम्मेदारी मानते हैं। उन्होंने वैश्विक स्तर पर टिकाऊ विकास और प्रकृति संरक्षण के लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता पर भी जोर दिया।

हिंद महासागर को अवसरों का महासागर बनाने का विजन

पीएम मोदी ने कहा कि उनकी सेशेल्स यात्रा का संदेश स्पष्ट है। भारत ऐसे हिंद महासागर की कल्पना करता है, जहां समुद्री सुरक्षा और आर्थिक समृद्धि साथ-साथ आगे बढ़े। उन्होंने कहा कि भारत की साझेदारी किसी देश के आकार पर नहीं, बल्कि आपसी विश्वास, सम्मान और समान भागीदारी पर आधारित है। उनका लक्ष्य हिंद महासागर को अवसरों और विकास का महासागर बनाना है।

'हिंद महासागर हमारा साझा घर है'

प्रधानमंत्री ने कहा कि सदियों से हिंद महासागर ने भारत और सेशेल्स के संबंधों को मजबूत किया है। व्यापार, संस्कृति और मानवीय रिश्तों को इसकी लहरों ने निरंतर जोड़े रखा है। उन्होंने कहा कि हिंद महासागर दोनों देशों का साझा घर है और इसकी सुरक्षा, स्थिरता तथा समृद्धि सभी की साझा जिम्मेदारी है। यही सोच भारत के MAHASAGAR विजन की आधारशिला है।

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