

बलरामपुर: बलरामपुर-रामानुजगंज जिले में अवैध मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। थाना बसंतपुर पुलिस और जिले में गठित एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए करीब 10 करोड़ रुपये मूल्य के 1941.110 किलोग्राम गांजे के साथ दो अंतरराज्यीय तस्करों को गिरफ्तार किया है। मामले में प्रयुक्त 16 चक्का टाटा ट्रक भी जब्त किया गया है, जिसकी कीमत लगभग 50 लाख रुपये बताई गई है। इस प्रकार कुल जब्ती का मूल्य करीब 10.50 करोड़ रुपये आंका गया है।
पुलिस के अनुसार, उड़ीसा से उत्तर प्रदेश ले जाए जा रहे गांजे की खेप को बसंतपुर थाना क्षेत्र में पकड़ा गया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान लोकेश शर्मा पिता हरिश्चंद्र शर्मा (46 वर्ष), निवासी सहारनपुर, उत्तर प्रदेश तथा आमिष अंसारी पिता कल्लू अंसारी (23 वर्ष), निवासी मुजफ्फरनगर, उत्तर प्रदेश के रूप में हुई है। दोनों के खिलाफ थाना बसंतपुर में एनडीपीएस एक्ट की धारा 20 (बी) के तहत अपराध दर्ज कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है।
पुलिस महानिरीक्षक सरगुजा रेंज दीपक कुमार झा और पुलिस अधीक्षक बलरामपुर वैभव बैंकर के निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विश्व दीपक त्रिपाठी के मार्गदर्शन में जिले में मादक पदार्थों की तस्करी रोकने के लिए लगातार निगरानी और चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। इसी दौरान थाना प्रभारी बसंतपुर निरीक्षक जितेंद्र सोनी को तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर सूचना मिली कि गांजा तस्करी के एक पुराने मामले का मुख्य आरोपी लोकेश शर्मा क्षेत्र में सक्रिय है और बड़ी खेप की तस्करी की तैयारी में है।सूचना के आधार पर 11-12 जून की दरम्यानी रात करीब 2:30 बजे थाना बसंतपुर के पास एक संदिग्ध टाटा ट्रक को रोका गया। तलाशी के दौरान ट्रक से 62 पैकेटों में भरा कुल 1941 किलो 110 ग्राम गांजा बरामद किया गया। गांजा को बेहद सुनियोजित तरीके से ट्रक में छिपाकर रखा गया था, ताकि पुलिस की नजरों से बचाया जा सके।पुलिस जांच में सामने आया है कि गिरफ्तार आरोपी लोकेश शर्मा पूर्व में भी गांजा तस्करी के मामले में नामजद रहा है। दिसंबर 2025 में थाना बसंतपुर पुलिस ने एक अन्य टाटा ट्रक से 1198.460 किलोग्राम गांजा बरामद किया था। उस मामले में भी लोकेश शर्मा मुख्य आरोपी था और लंबे समय से पुलिस की गिरफ्त से बाहर चल रहा था।
पुलिस का दावा है कि लोकेश शर्मा उड़ीसा से छत्तीसगढ़ होते हुए उत्तर प्रदेश तक गांजा सप्लाई करने वाले बड़े नेटवर्क का सरगना है। वह लगातार वाहन बदलकर और अलग-अलग तरीकों से पुलिस को चकमा देने की कोशिश कर रहा था। मामले की निगरानी स्वयं पुलिस अधीक्षक वैभव बैंकर द्वारा की जा रही थी।
इस बड़ी कार्रवाई में थाना प्रभारी जितेंद्र सोनी, उप निरीक्षक मनीष साहू, धनसिंह सांडिल्य, साइबर सेल और थाना बसंतपुर के पुलिसकर्मियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस अब इस तस्करी नेटवर्क से जुड़े अन्य आरोपियों और पूरे सिंडिकेट की जानकारी जुटाने में लगी हुई है।



















