

सूरजपुर: छत्तीसगढ़ सर्व संविदा कर्मचारी महासंघ ने अपनी लंबित मांगों को लेकर सोमवार को कैबिनेट मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा। कर्मचारियों ने नियमितीकरण, सेवा सुरक्षा, वेतन वृद्धि और विधानसभा चुनाव 2023 में किए गए वादों को पूरा करने की मांग उठाई। मंत्री ने कर्मचारियों की समस्याओं पर सकारात्मक रुख अपनाते हुए आश्वासन दिया कि उनकी मांगों को राज्य मंत्रिमंडल (कैबिनेट) की बैठक में प्रमुखता से रखा जाएगा।
महासंघ के प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि चुनाव के दौरान भाजपा द्वारा जारी मोदी की गारंटी' में संविदा कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान का वादा किया गया था। कर्मचारियों का कहना है कि सरकार बनने के बाद भी अब तक उनकी प्रमुख मांगों पर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है। ज्ञापन में मार्च 2024 में गठित उच्च स्तरीय समिति की रिपोर्ट सार्वजनिक करने और शीघ्र निर्णय लेने की मांग भी की गई।
इसके बाद महासंघ के पदाधिकारियों ने भाजपा के सरगुजा संभागीय प्रभारी अवधेश चंदेल से भी मुलाकात कर शासन के नाम ज्ञापन सौंपा। उन्होंने संविदा कर्मचारियों की समस्याओं का जल्द समाधान कराने की अपील की।
ज्ञापन में मध्य प्रदेश की संविदा नीति का उल्लेख करते हुए वहां लागू 62 वर्ष तक सेवा सुरक्षा, अनुकंपा नियुक्ति, समान कार्य के लिए समान वेतन, नियमित पदों में 50 प्रतिशत आरक्षण, नई पेंशन योजना तथा 10 वर्ष की सेवा पूरी करने वाले कर्मचारियों के चरणबद्ध नियमितीकरण जैसी व्यवस्थाओं को छत्तीसगढ़ में भी लागू करने की मांग की गई। साथ ही राजस्थान, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और हरियाणा में लागू सेवा सुधारों का हवाला देते हुए राज्य सरकार से समयबद्ध नीति बनाने का आग्रह किया गया।
ज्ञापन सौंपने के दौरान महासंघ के शैलेन्द्र कुमार जायसवाल, मिली रानी कर, वरुण सैदाणे, बृजलाल पटेल, अमित सिंह, अनिल कुमार, प्रवीण ठाकुर, अभय कुमार ओझा, रौशन झा, अहिबरन सिंह, नागिना, स्वर्णा, मनप्रीत सिंह, हंस लाल, अशोक साहू, संजय सोरी, राजेश किंडो सहित जिले के सैकड़ों संविदा कर्मचारी मौजूद रहे। कर्मचारियों ने उम्मीद जताई कि सरकार अपने चुनावी वादों को पूरा करते हुए जल्द ही नियमितीकरण और सेवा सुरक्षा को लेकर ठोस निर्णय लेगी।











