भोपाल: मध्य प्रदेश के स्कूल शिक्षा विभाग ने शिक्षकों के तबादलों को लेकर नई ट्रांसफर नीति 2026 जारी कर दी है. इस नई व्यवस्था के तहत अब केवल उन्हीं शिक्षकों का तबादला किया जाएगा जिनकी ई-अटेंडेंस 90 प्रतिशत या उससे अधिक होगी.

ई-अटेंडेंस बनी निर्णायक शर्त, कम उपस्थिति वाले शिक्षक बाहर

नई नीति के अनुसार जिन शिक्षकों की ई-अटेंडेंस 90 प्रतिशत से कम है, उन्हें इस वर्ष की तबादला प्रक्रिया से बाहर कर दिया गया है. विभाग ने स्पष्ट किया है कि ट्रांसफर प्रक्रिया में पारदर्शिता और उपस्थिति को प्राथमिक आधार बनाया गया है.

एजुकेशन पोर्टल पर होगा पूरा डेटा अपडेट

स्कूल शिक्षा विभाग ने वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से सभी वरिष्ठ अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि शिक्षकों का पूरा डेटा एजुकेशन पोर्टल पर अपडेट किया जाए.इसके तहत 90 प्रतिशत से कम ई-अटेंडेंस वाले शिक्षकों की सूची अलग से तैयार की जाएगी. साथ ही जिन शिक्षकों की संविलियन सेवा अवधि तीन वर्ष से कम है, उनका डेटा भी अपडेट किया जाएगा.

अप्रैल तक की उपस्थिति से तय होगा ट्रांसफर का आधार

विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि मई और जून में ग्रीष्मकालीन अवकाश होने के कारण ट्रांसफर के लिए केवल अप्रैल तक की उपस्थिति को ही आधार माना जाएगा.इसी के आधार पर शिक्षकों की पात्रता तय की जाएगी और जिला तथा संकुल स्तर पर आवश्यक आदेश जारी किए जाएंगे.

58 हजार शिक्षकों के ट्रांसफर फिलहाल रोके गए

प्रदेश सरकार ने लगभग 58 हजार शिक्षकों के तबादलों को फिलहाल रोक दिया है. लोक शिक्षण आयुक्त कार्यालय के निर्देशों के अनुसार फरवरी 2027 तक इन शिक्षकों के ट्रांसफर नहीं किए जाएंगे.इसके बाद विभाग नई नीति के आधार पर आगे की प्रक्रिया तय करेगा.

एजुकेशन पोर्टल 3.0 पर अनिवार्य एंट्री

लोक शिक्षण आयुक्त कार्यालय के अनुसार 1 जून 2026 तक एजुकेशन पोर्टल 3.0 पर सभी शिक्षकों की जानकारी दर्ज करना अनिवार्य कर दिया गया है.निर्देशों के अनुसार जिन शिक्षकों की ड्यूटी जनगणना या अन्य प्रशासनिक कार्यों में लगी है, उनके भी विवरण पोर्टल पर अपडेट किए जाएंगे और उन्हें ट्रांसफर प्रक्रिया से अलग रखा जाएगा.

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