

विकास केसरी
रामानुजगंज: क्षेत्र में रासायनिक उर्वरक यूरिया एवं डीएपी खाद की कथित कालाबाजारी से किसान गंभीर रूप से परेशान हैं। इस मुद्दे को उठाते हुए जिला कांग्रेस कमेटी के महामंत्री अरविंद दुबे ने किसानों के हित में तत्काल कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया कि सहकारी समितियों (सोसाइटी) में खाद वितरण व्यवस्था में भारी अनियमितता है तथा प्रभावशाली एवं आर्थिक रूप से सक्षम किसानों को प्राथमिकता देकर खाद उपलब्ध कराई जा रही है, जबकि छोटे, लघु एवं सीमांत किसान उपेक्षित हैं।
अरविंद दुबे ने कहा कि जिन किसानों के पास कम रकबा है और जिन्हें सरकारी सहायता की सबसे अधिक आवश्यकता है, उन्हें खाद के लिए भटकना पड़ रहा है। मजबूरी में ऐसे किसान खुले बाजार से अधिक कीमत पर खाद खरीदने को विवश हैं, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति और कमजोर हो रही है।
उन्होंने बताया कि विगत वर्ष यूरिया खाद की एक बोरी 1000 से 1500 रुपये तक में बिकने की शिकायतें सामने आई थीं। किसानों ने खेती और रोपाई कार्य प्रभावित न हो, इसके लिए मजबूरी में ऊंचे दामों पर खाद खरीदी थी। उनका आरोप है कि इस वर्ष भी कृत्रिम अभाव का माहौल बनाकर जमाखोरी की जा रही है, ताकि बाद में अधिक कीमत पर बिक्री कर भारी मुनाफा कमाया जा सके।
वर्तमान में किसानों को एक एकड़ भूमि के लिए मात्र एक बोरी यूरिया खाद लगभग 470 रुपये प्रति बोरी की दर से उपलब्ध कराई जा रही है, जबकि इसकी निर्धारित कीमत 266 रुपये प्रति बोरी है। उन्होंने कहा कि किसानों को पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध नहीं कराई जा रही है और कुछ व्यापारी कृत्रिम संकट उत्पन्न कर मोटी कमाई करने की तैयारी में हैं।
अरविंद दुबे ने आरोप लगाया कि झारखंड, उत्तर प्रदेश एवं अन्य राज्यों से बड़ी मात्रा में यूरिया खाद लाकर क्षेत्र में खपाया जा रहा है तथा बड़े पैमाने पर कालाबाजारी की जा रही है। उन्होंने जिला प्रशासन, कृषि विभाग एवं संबंधित अधिकारियों से मामले की निष्पक्ष जांच कराने, जमाखोरों एवं कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने तथा किसानों को निर्धारित दर पर पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध कराने की मांग की है।
उन्होंने कहा कि यदि समय रहते स्थिति पर नियंत्रण नहीं किया गया तो आगामी खरीफ सीजन में खेती-किसानी प्रभावित होगी और इसका सीधा असर कृषि उत्पादन पर पड़ेगा। साथ ही उन्होंने किसानों के हितों की रक्षा के लिए आंदोलन की चेतावनी भी दी।





















