राजस्थान : राजसमंद जिले से एक ऐसा दावा सामने आया है जिसने लोगों को हैरानी में डाल दिया है। यहां एक व्यक्ति का कहना है कि उसने अपनी पूरी जिंदगी सिर्फ दूध के सहारे गुजार दी है और आज तक उसने अनाज का सेवन नहीं किया।

जन्म से अनाज से दूरी का दावा कैसे सामने आया

तकड़ियों का गुड़ा गांव के रहने वाले पूनम सिंह की उम्र लगभग 45 वर्ष बताई जाती है। उनका दावा है कि बचपन से लेकर आज तक उन्होंने कभी अनाज नहीं खाया। उनका कहना है कि सुबह और शाम केवल एक गिलास दूध ही उनके जीवन का आधार रहा है। गर्मी के दिनों में कभी कभार गन्ने का रस लेने की बात भी सामने आती है।

दैनिक जीवन में ऊर्जा और कामकाज कैसे चलता है

स्थानीय लोगों के अनुसार पूनम सिंह दिनभर सक्रिय रहते हैं और अपने सभी काम खुद करते हैं। वे मोटरसाइकिल और ट्रैक्टर चलाने जैसे काम भी करते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि उन्हें अक्सर पूरी ऊर्जा के साथ काम करते देखा जाता है और कमजोरी की शिकायत शायद ही कभी करते हैं।

सामाजिक जीवन और पारिवारिक माहौल कैसा है

पूनम सिंह सामाजिक कार्यक्रमों में भी शामिल होते हैं। शादी या अन्य आयोजनों में वे जाते तो हैं लेकिन भोजन नहीं करते। बताया जाता है कि वे केवल चाय जैसे पेय पदार्थ ही लेते हैं। परिवार में माता पिता और दो भाइयों के साथ उनका जीवन सामान्य बताया जाता है और रिश्तों में किसी तरह का विवाद नहीं है।

बीमारी के समय भी अनाज से दूरी का दावा क्यों चर्चा में है

परिजनों के अनुसार वर्ष दो हजार में एक बार स्वास्थ्य खराब होने पर भी उन्होंने अनाज लेने से इनकार कर दिया था। इसके बाद भी उनके स्वास्थ्य में सुधार होने का दावा किया जाता है। पिछले कई वर्षों से उनके बीमार न पड़ने की बात भी चर्चा में है, हालांकि इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं है।

चिकित्सक क्यों मानते हैं इसे असाधारण और दुर्लभ स्थिति

चिकित्सकों का मानना है कि केवल दूध पर लंबे समय तक जीवन बिताना बेहद असामान्य स्थिति है। दूध को संतुलित आहार माना जाता है क्योंकि इसमें कई आवश्यक पोषक तत्व होते हैं, लेकिन कुछ जरूरी तत्व इसमें नहीं पाए जाते। विशेषज्ञों के अनुसार सामान्य जीवन के लिए विविध आहार आवश्यक होता है, इसलिए ऐसा दावा चिकित्सा दृष्टि से बेहद दुर्लभ माना जाता है।

यह कहानी सवाल क्यों खड़े करती है

यह मामला अब लोगों के बीच चर्चा और जिज्ञासा का विषय बन गया है। क्या वाकई कोई व्यक्ति इतने लंबे समय तक केवल दूध पर सामान्य जीवन जी सकता है या फिर यह दावा असाधारण परिस्थितियों का परिणाम है, इस पर सवाल बने हुए हैं।

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