CG News: कोटा ब्लॉक सड़क समस्या एक बार फिर सुर्खियों में है, जहां बिलासपुर-मरवाही बाईपास मार्ग के पास स्थित परसापानी और बगलाभाठा गांव आज भी बुनियादी सड़क सुविधा से वंचित हैं। आजादी के इतने वर्षों बाद भी इन गांवों तक पक्की सड़क और पुल का निर्माण नहीं हो सका है, जिससे ग्रामीणों का जीवन लगातार कठिन होता जा रहा है।

बरसात में पूरी तरह कट जाते हैं गांव
कोटा ब्लॉक सड़क समस्या का सबसे गंभीर पहलू यह है कि बरसात के मौसम में पहाड़ी नाले में पानी भर जाने से दोनों गांवों का संपर्क 2 से 3 महीने तक पूरी तरह टूट जाता है। इस दौरान लोगों को इलाज, बाजार और रोजमर्रा की जरूरतों के लिए भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। यह स्थिति ग्रामीण जीवन को बेहद प्रभावित करती है।

जनहित याचिका से पहुंचा मामला हाईकोर्ट तक
ग्रामीणों की इस गंभीर समस्या को देखते हुए निलेश विश्वास ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की। याचिका में बताया गया कि कई बार प्रशासन को अवगत कराने के बावजूद कोटा ब्लॉक सड़क समस्या का समाधान नहीं किया गया।

हाईकोर्ट ने लिया स्वतः संज्ञान
चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस रविंद्र कुमार अग्रवाल की डिवीजन बेंच ने मामले को गंभीर मानते हुए स्वतः संज्ञान लिया। कोर्ट ने लोक निर्माण विभाग के सचिव को नोटिस जारी कर व्यक्तिगत शपथ पत्र के साथ जवाब देने का निर्देश दिया है। अदालत ने स्पष्ट किया कि कोटा ब्लॉक सड़क समस्या पर सरकार को ठोस जवाब देना होगा।

अगली सुनवाई 16 जून को
मामले की अगली सुनवाई 16 जून को निर्धारित की गई है। कोर्ट ने रजिस्ट्री को आवश्यक संशोधन के भी निर्देश दिए हैं।

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