भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव की अध्यक्षता में सोमवार को आयोजित कैबिनेट बैठक में राज्य के विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। बैठक में कृषि, सिंचाई, जनजातीय कल्याण और महिला सशक्तिकरण से संबंधित फैसलों पर विशेष रूप से चर्चा हुई। बैठक के बाद राज्य के स्वास्थ्य राज्य मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल ने मीडिया को निर्णयों की जानकारी दी।

नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लेकर सरकार का समर्थन

कैबिनेट बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पारित नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लेकर समर्थन व्यक्त किया गया। सरकार ने इस कानून को जल्द लागू करने के लिए संसद का विशेष सत्र बुलाने पर आभार जताया।

साथ ही निर्णय लिया गया कि प्रदेशभर में इस अधिनियम को लेकर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, ताकि महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी को और मजबूत किया जा सके।

सिंचाई परियोजनाओं को मिली रफ्तार

बैठक में किसानों के हित में बड़ा फैसला लेते हुए सागर जिले की मीडवासा सिंचाई परियोजना को मंजूरी दी गई। सरकार का मानना है कि इस परियोजना से सिंचाई क्षमता बढ़ेगी और किसानों को सीधा लाभ मिलेगा।

कैबिनेट ने यह भी दावा किया कि राज्य में सिंचाई क्षेत्र का लगातार विस्तार हुआ है और कृषि उत्पादन को बढ़ावा मिला है।

किसानों के लिए राहत और योजनाओं पर जोर

बैठक में केंद्र सरकार द्वारा एनबीएस सब्सिडी के तहत खाद पर दी जा रही सहायता के लिए प्रधानमंत्री का आभार व्यक्त किया गया। इससे किसानों को उर्वरक की लागत में राहत मिलने की उम्मीद है।

हाल ही में ओलावृष्टि और बारिश से प्रभावित फसलों को लेकर भी सरकार ने चिंता जताई। प्रभावित क्षेत्रों में सर्वे कराकर किसानों को जल्द राहत देने का निर्णय लिया गया है।

जनजातीय संस्कृति को बढ़ावा देने की पहल

नक्सल प्रभावित जिलों में जनजातीय महोत्सव आयोजित करने का भी निर्णय लिया गया है। इन आयोजनों के माध्यम से आदिवासी संस्कृति, परंपरा और कला को प्रोत्साहित किया जाएगा।

सरकार का उद्देश्य इन क्षेत्रों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ना और स्थानीय समुदायों को नई पहचान और अवसर देना है।

पशुपालन और डेयरी क्षेत्र में वृद्धि

कैबिनेट बैठक में बताया गया कि राज्य में दुग्ध उत्पादन में 25 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है, जिसे एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। सरकार का कहना है कि पशुपालन और डेयरी सेक्टर को बढ़ावा देने की नीतियों का सकारात्मक असर देखने को मिल रहा है।

विकास योजनाओं की निरंतरता पर जोर

बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि चल रही विकास योजनाओं की निरंतरता बनाए रखी जाएगी, ताकि किसी भी स्तर पर विकास कार्यों में रुकावट न आए और योजनाओं का लाभ जनता तक लगातार पहुंचता रहे।

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