सूरजपुर: कलेक्टर  रेना जमील ने महिला एवं बाल विकास विभाग की विस्तृत समीक्षा बैठक लेकर विभागीय योजनाओं एवं कार्यक्रमों की प्रगति का जायजा लिया। बैठक में गर्भवती माताओं के पंजीयन, कुपोषण की स्थिति, आंगनबाड़ी केंद्रों के संचालन, पोषण आहार वितरण तथा महिला एवं बाल कल्याण से जुड़ी विभिन्न योजनाओं की गहन समीक्षा की गई।

कलेक्टर ने जिले में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं के रिक्त पदों की जानकारी लेते हुए रिक्त पदों पर शीघ्र भर्ती प्रक्रिया प्रारंभ करने के निर्देश दिए। उन्होंने आंगनबाड़ी केंद्रों के नियमित निरीक्षण की जानकारी भी ली तथा निरीक्षण के दौरान कार्यकर्ता एवं सहायिकाओं की उपस्थिति सुनिश्चित करने पर जोर दिया।बैठक में जिला कार्यक्रम अधिकारी, सभी सीडीपीओ एवं सुपरवाइजरों को निर्देशित किया गया कि सभी आंगनबाड़ी केंद्र निर्धारित समय पर संचालित हों तथा पात्र हितग्राहियों को गर्म भोजन, रेडी-टू-ईट एवं टीएचआर (टेक होम राशन) का शत-प्रतिशत वितरण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि गर्भवती महिलाओं, धात्री माताओं, छह माह से तीन वर्ष तक के बच्चों तथा कुपोषित बच्चों को पूरक पोषण आहार गंभीरता एवं संवेदनशीलता के साथ उपलब्ध कराया जाए। साथ ही आंगनबाड़ी केंद्रों की व्यवस्थाओं में सभी आवश्यक सुधार करने के निर्देश भी दिए।

कलेक्टर ने मुख्यमंत्री बाल संदर्भ योजना की समीक्षा करते हुए कुपोषित एवं गंभीर रूप से कुपोषित बच्चों का चिन्हांकन कर उन्हें पोषण पुनर्वास केंद्र (एनआरसी) में शत-प्रतिशत भर्ती कराने के निर्देश दिए। उन्होंने पोषण ट्रैकर ऐप के माध्यम से अल्प वजन, बौनापन (स्टंटिंग) एवं दुबलापन (वेस्टिंग) से प्रभावित 0 से 5 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों की सतत निगरानी एवं उपचारात्मक कार्यवाही सुनिश्चित करने को कहा। बैठक में आंगनबाड़ी केंद्र भवनों की स्थिति, मरम्मत, नवनिर्माण, पेयजल एवं अन्य आधारभूत सुविधाओं की जानकारी ली गई। मिशन वात्सल्य एवं मिशन शक्ति अंतर्गत निर्माणाधीन भवनों तथा सखी वन स्टॉप सेंटर की भी समीक्षा की गई।
 

कलेक्टर ने प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, नोनी सुरक्षा योजना, मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना, शुचिता योजना एवं सखी वन स्टॉप सेंटर के संचालन की समीक्षा करते हुए लाभार्थियों तक योजनाओं का प्रभावी लाभ पहुंचाने के निर्देश दिए। इसके साथ ही जिले में बाल विवाह की स्थिति तथा रोकथाम के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी ली गई। बाल कल्याण समिति की गतिविधियों एवं कार्यों की भी समीक्षा की गई।बैठक में कलेक्टर  रेना जमील ने कहा कि महिला एवं बाल विकास विभाग की सभी योजनाओं का उद्देश्य महिलाओं एवं बच्चों के स्वास्थ्य, पोषण, सुरक्षा और समग्र विकास को सुनिश्चित करना है। उन्होंने अधिकारियों को योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन, नियमित मॉनिटरिंग एवं शत-प्रतिशत लक्ष्य पूर्ति हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

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