
नई दिल्ली। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को संसद में खुली बहस की चुनौती दी है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट के जरिए उन्होंने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कांग्रेस के शासनकाल की कई घटनाओं का उल्लेख किया। रेखा गुप्ता की यह प्रतिक्रिया राहुल गांधी की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सार्वजनिक मंच पर बहस करने की चुनौती दिए जाने के बाद आई है।
इमरजेंसी और 1984 के दंगों का उठाया मुद्दा
रेखा गुप्ता ने अपनी पोस्ट में 1975 में लागू की गई इमरजेंसी और 1984 में हुए सिख विरोधी दंगों का जिक्र किया। उन्होंने लिखा कि इमरजेंसी के दौरान विपक्षी नेताओं को जेल में डाला गया और प्रेस की स्वतंत्रता पर रोक लगाई गई। वहीं, 1984 में दिल्ली में हजारों निर्दोष सिखों की हत्या का मुद्दा उठाते हुए उन्होंने कांग्रेस की राजनीतिक विरासत पर सवाल खड़े किए।मुख्यमंत्री ने राहुल गांधी को सीधे संबोधित करते हुए कहा कि वे संसद में आएं और बहस करें। उन्होंने 2014, 2019 और 2024 के चुनावों का उल्लेख करते हुए कांग्रेस की लगातार चुनावी हार पर भी तंज कसा। साथ ही लिखा कि बहस के लिए नई दिल्ली स्थित संसद भवन ही जगह होगी और इसके लिए किसी वीजा की जरूरत नहीं है।
राहुल गांधी ने पीएम मोदी को दी थी चुनौती
दरअसल, राहुल गांधी ने एक्स पर पोस्ट कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बहस की चुनौती दी थी। उन्होंने कहा था कि प्रधानमंत्री विपक्ष को देशद्रोही बताते है, इसलिए सार्वजनिक मंच पर दोनों के बीच चर्चा होनी चाहिए। राहुल ने बहस के लिए किसी भी स्थान को चुनने की छूट देते हुए कहा कि इसमें मीडिया और देश के युवा भी मौजूद रहे।उन्होंने यह भी प्रस्ताव दिया कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रमुख मोहन भागवत को बहस का निर्णायक बनाया जा सकता है। राहुल गांधी ने विदेशी ताकतों से कथित संबंधों, वित्तीय व्यवस्था, अमेरिका के साथ हुए समझौते और एपस्टीन से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करने की बात कही।
मानहानि के मामलों का भी किया उल्लेख
राहुल गांधी ने अपनी पोस्ट में दावा किया कि उनके खिलाफ करीब 45 मानहानि के मामले चल रहे है। उन्होंने कहा कि विदेशी कनेक्शन से जुड़े आरोपों पर भी खुलकर चर्चा होनी चाहिए। पोस्ट के अंत में उन्होंने प्रधानमंत्री से बहस के लिए आगे आने की अपील की और दीपावली की शुभकामनाएं दीं।इस तरह प्रधानमंत्री को राहुल गांधी की चुनौती के बाद रेखा गुप्ता ने बहस का मुद्दा संसद तक पहुंचा दिया है। दोनों नेताओं के बीच सोशल मीडिया पर हुई इस बयानबाजी ने राजनीतिक बहस को नया मोड़ दे दिया है।











