
रायपुर। छत्तीसगढ़ के चर्चित महादेव ऑनलाइन सट्टा ऐप मामले में बुधवार, 4 नवंबर को अहम न्यायिक कार्यवाही होनी है। मामले के प्रमुख आरोपी और ऐप प्रमोटर सौरभ चंद्राकर को रायपुर की विशेष सीबीआई अदालत में पेश किया जाएगा। सीबीआई की टीम मंगलवार शाम उसे दिल्ली से रायपुर लेकर पहुंची। ओमान से भारत प्रत्यर्पित किए जाने के बाद चंद्राकर की यह पहली महत्वपूर्ण पेशी है।
दिल्ली कोर्ट ने दी थी दो दिन की ट्रांजिट रिमांड
दिल्ली की राउज एवेन्यू अदालत ने 2 नवंबर को सीबीआई को सौरभ चंद्राकर की दो दिन की ट्रांजिट रिमांड मंजूर की थी। अदालत ने निर्देश दिया था कि आरोपी को 4 नवंबर या उससे पहले रायपुर की विशेष सीबीआई अदालत में पेश किया जाए।जानकारी के मुताबिक, सीबीआई टीम मंगलवार शाम करीब 5 बजे विमान से चंद्राकर को लेकर रायपुर पहुंची। अब विशेष अदालत में उसकी हिरासत और आगे की न्यायिक प्रक्रिया पर निर्णय होगा।
ओमान से प्रत्यर्पण के बाद दिल्ली लाया गया था आरोपी
सौरभ चंद्राकर लंबे समय से महादेव ऐप मामले में जांच एजेंसियों के निशाने पर था। इंटरपोल के रेड कॉर्नर नोटिस के आधार पर ओमान पुलिस ने उसे हिरासत में लिया था। इसके बाद भारतीय एजेंसियों ने प्रत्यर्पण की प्रक्रिया पूरी की और 1 नवंबर 2026 को उसे भारत लाया गया।दिल्ली की अदालत में पेशी के दौरान बचाव पक्ष ने सीबीआई की हिरासत पर आपत्ति जताई थी। वकील की दलील थी कि ओमान से प्रत्यर्पण की अनुमति प्रवर्तन निदेशालय के मनी लॉन्ड्रिंग मामले में मिली थी। दूसरी ओर, सीबीआई ने अपने मामले का ईडी की जांच से संबंध बताया।अदालत ने कहा था कि प्रत्यर्पण की शर्तों और मुकदमे से जुड़ी कानूनी आपत्तियों पर रायपुर की सक्षम अदालत विचार कर सकती है। इसके बाद सीबीआई को दो दिन की ट्रांजिट रिमांड दी गई।
कौन है सौरभ चंद्राकर?
सौरभ चंद्राकर छत्तीसगढ़ के भिलाई का रहने वाला है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, उसने शुरुआत में जूस की दुकान चलाई थी। बाद में वह ऑनलाइन सट्टेबाजी के कारोबार से जुड़ा और दुबई पहुंच गया।प्रवर्तन निदेशालय के मुताबिक, सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल महादेव ऑनलाइन बुक बेटिंग ऐप के प्रमुख प्रमोटर हैं। जांच एजेंसियों का आरोप है कि दोनों ने दुबई से ऑनलाइन सट्टेबाजी का बड़ा नेटवर्क संचालित किया। इस नेटवर्क में अलग-अलग पैनल और शाखाओं के जरिए लोगों को जोड़ा जाता था। सट्टेबाजी से प्राप्त रकम को कथित तौर पर विभिन्न बैंक खातों और हवाला नेटवर्क के माध्यम से विदेश भेजा जाता था।सीबीआई ने मामले में आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी, जालसाजी और भ्रष्टाचार से जुड़े प्रावधानों के तहत आरोपपत्र दाखिल किए हैं।
ED की कार्रवाई में 4,336 करोड़ रुपये की संपत्तियां
महादेव ऐप से जुड़े कथित मनी लॉन्ड्रिंग नेटवर्क की जांच ईडी भी कर रही है। एजेंसी की 25 मार्च 2026 की आधिकारिक जानकारी के अनुसार, इस मामले में भारत और विदेशों में करीब 4,336 करोड़ रुपये मूल्य की संपत्तियों को कुर्क, जब्त या फ्रीज करने की कार्रवाई की गई थी।ईडी ने मार्च 2026 में करीब 1,700 करोड़ रुपये की 20 अचल संपत्तियों को कुर्क करने का आदेश भी जारी किया था। इनमें दुबई की कुछ संपत्तियां शामिल थीं। जांच एजेंसी का आरोप है कि सट्टेबाजी से हासिल कथित अवैध कमाई को अलग-अलग माध्यमों से निवेश कर संपत्तियां खरीदी गईं। इन आरोपों पर अंतिम फैसला अदालत में होना है।
दुबई में 200 करोड़ की शादी से चर्चा में आया था नाम
सौरभ चंद्राकर का नाम फरवरी 2023 में दुबई के रास अल खैमाह में हुई भव्य शादी के बाद भी सुर्खियों में रहा था। ईडी की सितंबर 2023 की प्रेस विज्ञप्ति के मुताबिक, इस समारोह पर महादेव ऐप के प्रमोटरों ने कथित तौर पर करीब 200 करोड़ रुपये नकद खर्च किए थे।एजेंसी का आरोप था कि शादी में शामिल होने वाले मेहमानों के लिए निजी विमान किराए पर लिए गए थे। समारोह में मनोरंजन जगत के कलाकारों को भी बुलाया गया था और भुगतान के लिए हवाला नेटवर्क का इस्तेमाल किया गया था। इस आयोजन के बाद महादेव ऐप से जुड़े कथित वित्तीय नेटवर्क की जांच ने राष्ट्रीय स्तर पर ध्यान खींचा था।
रवि उप्पल की भूमिका पर भी जांच एजेंसियों की नजर
इस मामले में रवि उप्पल भी प्रमुख आरोपी है। ईडी ने जनवरी 2026 की अपनी प्रेस विज्ञप्ति में उसे फरार बताया था। अब सौरभ चंद्राकर के भारत लाए जाने के बाद जांच एजेंसियों की नजर उससे होने वाली पूछताछ और कथित नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका पर है।











