

दुर्ग, छत्तीसगढ़: प्रदेश में पड़ रही भीषण गर्मी का असर अब इंसानों के साथ-साथ वन्य प्राणियों पर भी साफ दिखाई देने लगा है। दुर्ग जिले स्थित मैत्री बाग में तापमान इस बार 42 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है, जबकि पिछले वर्ष यह करीब 38 डिग्री के आसपास था। बढ़ती गर्मी को देखते हुए जू प्रशासन ने जानवरों की सुरक्षा और राहत के लिए विशेष इंतजाम किए हैं।
स्प्रिंकलर और फव्वारों से जानवरों को मिल रही ठंडक
मैत्री बाग प्रबंधन ने बंदरों और पक्षियों के लिए स्प्रिंकलर सिस्टम लगाया है, जिससे उन्हें लगातार ठंडी फुहार मिल रही है। वहीं हिरणों के लिए बनाए गए लॉन में फव्वारे चालू कर दिए गए हैं, जहां वे पानी के बीच रहकर गर्मी से राहत महसूस कर रहे हैं।
सबसे संवेदनशील माने जाने वाले व्हाइट टाइगर के लिए भी विशेष तैयारी की जा रही है। फिलहाल उन्हें स्प्रिंकलर सिस्टम से ठंडक दी जा रही है और आगे कूलर लगाने की योजना पर काम चल रहा है।
400 वन्य प्राणियों की देखभाल, हर साल से पहले शुरू हुई तैयारी
मैत्री बाग में करीब 400 वन्य प्राणी हैं, जिनकी देखरेख भिलाई इस्पात संयंत्र के उद्यानिकी विभाग द्वारा की जाती है। सामान्यतः गर्मी से बचाव की तैयारियां अप्रैल के दूसरे पखवाड़े में शुरू होती हैं, लेकिन इस बार बढ़ते तापमान को देखते हुए सभी इंतजाम पहले ही तेज कर दिए गए हैं।
शेर और भालू को ठंडा मांस, जानवरों के खानपान में बदलाव
गर्मी के मौसम को ध्यान में रखते हुए वन्य प्राणियों के आहार में भी बदलाव किया गया है। शेर और भालू को ठंडा मांस दिया जा रहा है, जबकि बंदरों और अन्य जानवरों को तरबूज और खरबूज जैसे रसीले फल खिलाए जा रहे हैं।
इसके साथ ही बाड़ों के बाहर कूलर लगाए जा रहे हैं और धूप से बचाव के लिए हरे रंग के नेट भी लगाए गए हैं, ताकि जानवरों को सीधी धूप से राहत मिल सके।
पर्यटकों के लिए भी सुविधा, ठंडे पानी की व्यवस्था
मैत्री बाग आने वाले पर्यटकों के लिए भी ठंडे और स्वच्छ पानी की व्यवस्था की गई है। प्रबंधन का कहना है कि इस तपती गर्मी में वन्य प्राणियों और आगंतुकों दोनों को राहत देने के लिए हर संभव कदम उठाए जा रहे हैं, ताकि जू का वातावरण सुरक्षित और आरामदायक बना रहे।
































