दुनिया में अंतरराष्ट्रीय यात्रा के लिए पासपोर्ट को सबसे महत्वपूर्ण दस्तावेज माना जाता है। किसी भी देश में प्रवेश करने या बाहर जाने के लिए इसकी आवश्यकता अनिवार्य होती है। लेकिन वैश्विक व्यवस्था में कुछ ऐसे विशेष पद हैं, जिन पर बैठे लोग बिना पासपोर्ट के भी अंतरराष्ट्रीय यात्रा कर सकते हैं।

कौन हैं वे तीन लोग जिन्हें पासपोर्ट की जरूरत नहीं पड़ती

यह विशेष सुविधा बहुत ही सीमित और संवैधानिक स्तर पर शीर्ष पदों पर बैठे व्यक्तियों को प्राप्त है। इनमें जापान के सम्राट नारुहितो, महारानी मासाको और ब्रिटेन के राजा चार्ल्स तृतीय शामिल हैं। ये तीनों अपने-अपने देशों की सर्वोच्च संवैधानिक पहचान माने जाते हैं, इसलिए इन्हें पासपोर्ट रखने की आवश्यकता नहीं होती।

जापान में सम्राट को क्यों माना जाता है सर्वोच्च पहचान

जापान में सम्राट को देश की एकता और परंपरा का प्रतीक माना जाता है। इसी कारण उनकी पहचान किसी दस्तावेज पर निर्भर नहीं होती। जब सम्राट या महारानी विदेश यात्रा पर जाते हैं, तो उन्हें सामान्य यात्रियों की तरह इमिग्रेशन प्रक्रिया, कतार या पासपोर्ट जांच से नहीं गुजरना पड़ता।

यह व्यवस्था उन्हें एक विशेष संवैधानिक दर्जा प्रदान करती है, जो अन्य नागरिकों से अलग होता है।

ब्रिटेन में राजा के नाम पर जारी होते हैं सभी पासपोर्ट

ब्रिटेन में स्थिति थोड़ी अलग है। वहां सभी पासपोर्ट औपचारिक रूप से राजा के नाम पर जारी किए जाते हैं। ऐसे में राजा चार्ल्स तृतीय के लिए स्वयं पासपोर्ट रखना कानूनी और प्रशासनिक दृष्टि से आवश्यक नहीं माना जाता।

इस व्यवस्था के कारण ब्रिटिश सम्राट को अंतरराष्ट्रीय यात्रा के दौरान किसी पासपोर्ट की आवश्यकता नहीं होती, क्योंकि दस्तावेज स्वयं उनकी ओर से जारी माना जाता है।

विशेषाधिकार, परंपरा और संवैधानिक दर्जे से जुड़ा मामला

यह व्यवस्था आम नागरिकों से बिल्कुल अलग है और केवल विशिष्ट संवैधानिक परंपराओं पर आधारित है। इसका उद्देश्य किसी विशेषाधिकार से अधिक उन ऐतिहासिक और संवैधानिक भूमिकाओं को सम्मान देना है, जो इन पदों से जुड़ी होती हैं।

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