

Sheopur : एक बेहद गंभीर मामला सामने आया है, जिसने पुलिस कार्यप्रणाली पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। यहां एक युवक ने कथित पुलिस प्रताड़ना से परेशान होकर जहरीला पदार्थ खा लिया। युवक की हालत नाजुक बनी हुई है और उसे जिला अस्पताल के ICU में भर्ती कराया गया है। घटना के बाद इलाके में तनाव और आक्रोश का माहौल है।
15 दिनों से लगातार परेशान किए जाने का आरोप
जानकारी के अनुसार पीड़ित युवक की पहचान दीपेंद्र खरे उर्फ पीलू के रूप में हुई है। परिजनों का आरोप है कि कोतवाली थाना क्षेत्र के थाना प्रभारी सत्यम गुर्जर और आरक्षक देवेंद्र गुर्जर पिछले करीब 15 दिनों से युवक को लगातार परेशान कर रहे थे। परिवार का कहना है कि युवक को चोरी के संदेह में बार-बार पूछताछ के नाम पर बुलाया जाता था और मानसिक दबाव बनाया जा रहा था।
घर से ले जाकर मारपीट और करंट लगाने का आरोप
परिजनों ने आरोप लगाया है कि हाल ही में आरक्षक देवेंद्र गुर्जर युवक को घर से पूछताछ के बहाने अपने साथ ले गया था। परिवार के मुताबिक उसे थाने ले जाने के बजाय एक निजी कमरे में रखा गया, जहां कथित रूप से उसके साथ मारपीट की गई और करंट भी लगाया गया। इन आरोपों के सामने आने के बाद पूरे मामले ने गंभीर रूप ले लिया है।
मोबाइल जब्त कर लगातार दबाव बनाने का दावा
परिवार का कहना है कि युवक का मोबाइल भी पिछले 15 दिनों से पुलिस के कब्जे में था। लगातार पूछताछ और कथित प्रताड़ना से युवक मानसिक रूप से परेशान हो गया था। इसी दबाव के चलते उसने जहरीला पदार्थ खाकर आत्मघाती कदम उठा लिया।
पुलिस की चुप्पी से बढ़े सवाल
फिलहाल मामले में पुलिस विभाग की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। घटना के बाद स्थानीय स्तर पर पुलिस की भूमिका को लेकर सवाल उठने लगे हैं। दूसरी ओर युवक के परिजन सीधे तौर पर थाना प्रभारी और संबंधित आरक्षक पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
जांच के बाद सामने आएगी पूरी सच्चाई
युवक की हालत अभी गंभीर बनी हुई है और डॉक्टरों की निगरानी में उसका इलाज जारी है। प्रशासनिक स्तर पर मामले की जांच की संभावना जताई जा रही है। अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि आरोपों की जांच के बाद प्रशासन क्या कदम उठाता है और क्या जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई होती है।





















