

West Bengal : विधानसभा चुनाव में भाजपा की बड़ी जीत के बाद 9 मई को होने वाले शपथग्रहण समारोह से पहले राजनीतिक माहौल बेहद तनावपूर्ण हो गया है। इसी बीच उत्तर 24 परगना जिले के Madhyamgram में भाजपा नेता Suvendu Adhikari के निजी सहायक चंद्रनाथ रथ की हत्या ने पूरे राज्य की राजनीति में सनसनी फैला दी है।
बीजेपी नेता ने कहा- पूरी साजिश के तहत की गई हत्या
सुवेंदु अधिकारी ने इस घटना को सुनियोजित साजिश करार दिया है। मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि हत्या अचानक नहीं हुई बल्कि पूरी तैयारी के साथ अंजाम दी गई। उनके मुताबिक कई दिनों तक रेकी की गई और फिर वारदात को अंजाम दिया गया। उन्होंने दावा किया कि पुलिस महानिदेशक ने भी इसे योजनाबद्ध हमला माना है।
उन्होंने कहा कि पार्टी इस घटना से गहरे सदमे में है और इस दर्दनाक वारदात की निंदा के लिए शब्द कम पड़ रहे हैं।
दिल्ली तक पहुंचा मामला, बीजेपी नेतृत्व लगातार संपर्क में
सुवेंदु अधिकारी ने बताया कि पार्टी का केंद्रीय नेतृत्व लगातार मामले पर नजर बनाए हुए है। केंद्रीय मंत्री Sukanta Majumdar ने मृतक के परिवार और पुलिस अधिकारियों से बातचीत की है। साथ ही विभिन्न क्षेत्रों से भाजपा विधायक और नेता भी मौके पर पहुंचे हैं।
TMC पर साधा निशाना, कहा- खत्म होगा ‘महाजंगल राज’
बीजेपी नेता ने इस घटना को तृणमूल कांग्रेस शासन से जोड़ते हुए कहा कि यह पिछले 15 वर्षों के ‘महाजंगल राज’ का परिणाम है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में राजनीतिक हिंसा लगातार बढ़ी है और भाजपा अब ऐसे तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेगी।
TMC ने भी की निंदा, CBI जांच की मांग उठाई
दूसरी ओर All India Trinamool Congress ने भी इस हत्या की निंदा की है। पार्टी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जारी बयान में कहा कि मध्यमग्राम में हुई हत्या बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और चिंताजनक है। पार्टी ने हाल के दिनों में चुनाव बाद हिंसा में मारे गए अपने कार्यकर्ताओं का भी उल्लेख किया।
TMC ने इस पूरे मामले में कड़ी और निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए अदालत की निगरानी में CBI जांच कराने की बात कही है। पार्टी का कहना है कि लोकतंत्र में राजनीतिक हिंसा की कोई जगह नहीं होनी चाहिए और दोषियों को जल्द सजा मिलनी चाहिए।
लगातार हिंसा से गरमाई बंगाल की राजनीति
चुनावी नतीजों के बाद पश्चिम बंगाल में लगातार हिंसक घटनाएं सामने आ रही हैं। अलग-अलग राजनीतिक दल एक-दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं। ऐसे समय में भाजपा के वरिष्ठ नेता के करीबी सहयोगी की हत्या ने प्रदेश की कानून व्यवस्था और राजनीतिक माहौल पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।




















