

बलरामपुर: महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना अंतर्गत लंबित मजदूरी भुगतान जारी होने से श्रमिक परिवारों को बड़ी राहत मिली है। मजदूरी राशि सीधे खातों में पहुंचने से श्रमिकों के चेहरे पर खुशी लौट आई है और वे अब परिवार की आवश्यक जरूरतों को आसानी से पूरा कर पा रहे हैं।
गांवों में श्रमिकों के चेहरों पर संतोष और राहत साफ दिखाई दे रही है। मनरेगा अंतर्गत लंबित मजदूरी राशि का उनके खातों में पहुंचना केवल भुगतान नहीं , बल्कि उन परिवारों के लिए उम्मीद और राहत लेकर आया, जो कई दिनों से अपनी रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने की चिंता में थेविकासखंड वाड्रफनगर के ग्राम रजखेता निवासी श्रमिक श्री महेंद्र सिंह पिछले कई दिनों से मनरेगा अंतर्गत तालाब गहरीकरण कार्य में लगातार मेहनत कर रहे थे। काम तो नियमित चल रहा था, लेकिन मजदूरी भुगतान लंबित होने से परिवार की परेशानियां बढ़ने लगी थीं। घर का राशन, बच्चों की जरूरतें और घरेलू खर्च को लेकर चिंता बनी हुई थी।
महेंद्र सिंह बताते हैं कि जैसे ही मजदूरी राशि सीधे उनके खाते में पहुंची, उन्हें बड़ी राहत मिली। अब वे जरूरी सामान खरीद पा रहे हैं और परिवार की आवश्यकताओं को समय पर पूरा कर पा रहे हैं। उन्होंने कहा अब राशि सीधे खाते में आने से पारदर्शिता भी बढ़ी है और भरोसा भी मजबूत हुआ है।उन्होंने शासन और जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार हम जैसे ग्रामीण श्रमिकों की जरूरतों को समझ रही है और हमें समय पर सहूलियत देने का प्रयास कर रही है।
इसी तरह रजखेता की श्रमिक श्रीमती मानमती के लिए भी मनरेगा परिवार की आय का सबसे बड़ा सहारा है। मजदूरी भुगतान मिलने के बाद उन्होंने सबसे पहले घर की आवश्यक सामग्री खरीदी। वे बताती हैं कि मजदूरी राशि मिलने से परिवार को आर्थिक संबल मिला है और अब घर के जरूरी खर्च पूरे करने में राहत महसूस हो रही है। श्रीमती मानमती ने कहा कि मनरेगा जैसी योजनाएं ग्रामीण परिवारों के लिए कठिन समय में सहारा बनी है। उन्होंने भी शासन और जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया।
ग्रामीण क्षेत्रों में मनरेगा केवल रोजगार का माध्यम नहीं, बल्कि हजारों परिवारों की आजीविका का आधार है। बलरामपुर जिले में मजदूरी भुगतान में आई तेजी से अब श्रमिक परिवारों के जीवन में राहत और संतोष का माहौल दिखाई दे रहा है। मजदूरी भुगतान से जहां श्रमिकों को आर्थिक राहत मिल रही है साथ ही शासन के प्रति उनका विश्वास भी मजबूत हो रहा है।





















