

जल-जंगल-जमीन की रक्षा, शिक्षा-स्वास्थ्य व रोजगार पर जोर; कुसमी को जिला बनाने सहित 10 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा
अम्बिकेश गुप्ता
कुसमी। विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर रविवार, 9 अगस्त को कुसमी के हाईस्कूल खेल मैदान में सर्व आदिवासी समाज ब्लॉक इकाई कुसमी के तत्वावधान में भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में आदिवासी समाज के लोग शामिल हुए। इस दौरान समाज की संस्कृति, परंपरा और संवैधानिक अधिकारों के संरक्षण के साथ-साथ शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, जल-जंगल-जमीन और क्षेत्रीय विकास से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया गया। कार्यक्रम के दौरान आदिवासी बालक-बालिकाओं ने पारंपरिक वेशभूषा में विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देकर उपस्थित लोगों का मन मोह लिया।
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि भाजपा मंडल अध्यक्ष बसंती भगत रहीं, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता सर्व आदिवासी समाज ब्लॉक अध्यक्ष कुसमी मंगल साय भगत ने की। अति विशिष्ट अतिथि सामरी विधायक उद्देश्वरी पैंकरा रहीं। वहीं विशिष्ट अतिथि के रूप में पवन साय सोनवानी, रामचंद्र निकुंज, झालदेव राम, वीरसाय अगरिया, देवनाथ पहाड़ी, लक्ष्मी प्रसाद निकुंज, फादर मार्टिन, लक्ष्मण पैंकरा, शशि टोप्पो, सुनीता भगत, चंद्रबली, चंद्रदेव, एसडी लकड़ा, संजीव भगत, संदीप निकुंज, संतोष तिर्की, नवनीत, अरुण डीजे, गोलू, धीरजन उरांव, देवसाय भगत, रविंद्र निकुंज, समर विजय, निर्मल खलखो, मुनेश्वर राम, नवनीता भगत सरपंच, निर्मला टोप्पो सरपंच, अनिल कुमार सरपंच, बैजनाथ राम सरपंच, दिलीप भगत सहित समाज के पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में समाज के लोग उपस्थित रहे। मंच का संचालन सौरभ कुमार एवं उत्पल भगत ने किया।
आदिवासी परंपरा के साथ हुई कार्यक्रम की शुरुआत..
कार्यक्रम का शुभारंभ समाज की विभूतियों के छायाचित्र पर अतिथियों द्वारा पुष्प अर्पित कर एवं आदिवासी परंपरा के अनुसार पूजा-अर्चना के साथ किया गया। इसके बाद धरती माता की पूजा कर प्रकृति में सुख, शांति एवं समृद्धि की कामना की गई। इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि आदिवासी समाज की पहचान उसकी समृद्ध संस्कृति, परंपरा, भाषा, लोककला और प्रकृति के साथ उसके गहरे जुड़ाव से है। आधुनिक विकास के साथ अपनी सांस्कृतिक विरासत और पारंपरिक मूल्यों को सुरक्षित रखना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है।
पारंपरिक नृत्य और गीतों ने बांधा समां..
विश्व आदिवासी दिवस समारोह में आदिवासी बालक-बालिकाओं ने विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी। पारंपरिक वेशभूषा में बच्चों द्वारा प्रस्तुत आदिवासी नृत्य, गीत एवं लोककला ने कार्यक्रम में मौजूद लोगों का ध्यान आकर्षित किया। वहीं समाज के कलाकारों ने भी बीच-बीच में पारंपरिक लोकगीत एवं लोकनृत्य प्रस्तुत कर कार्यक्रम में उत्साह और उमंग का माहौल बना दिया।
शिक्षा को समाज के विकास की सबसे बड़ी ताकत बताया..
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सर्व आदिवासी समाज ब्लॉक अध्यक्ष मंगल साय भगत ने कहा कि समाज को शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के मुद्दों पर एकजुट होकर आवाज उठाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि शिक्षा का क्षेत्र व्यापक और अनंत है तथा बेहतर शिक्षा ही समाज को आगे ले जाने का सबसे मजबूत माध्यम है। उन्होंने कहा कि कोई भी सामाजिक संगठन छोटा या बड़ा नहीं होता, बल्कि संगठन लोगों को एक साथ लेकर चलने और समाज के हित में सामूहिक रूप से कार्य करने की प्रेरणा देता है। उन्होंने समाज के युवाओं एवं विद्यार्थियों से शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ने तथा अपने संवैधानिक अधिकारों के प्रति जागरूक रहने का आह्वान किया।
10 सूत्रीय मांगों को लेकर सौंपा ज्ञापन..
विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर सर्व आदिवासी समाज ब्लॉक इकाई कुसमी द्वारा समाज की विभिन्न मांगों से संबंधित ज्ञापन सामरी विधायक उद्देश्वरी पैंकरा को सौंपा गया। ज्ञापन में आदिवासी समाज के संवैधानिक अधिकारों, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, संस्कृति एवं क्षेत्रीय विकास से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया गया। ज्ञापन में जल, जंगल और जमीन से संबंधित आदिवासी समाज के अधिकारों की रक्षा, आदिवासी क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य एवं रोजगार की बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने, आदिवासी समुदाय की भाषा, संस्कृति, परंपरा एवं लोककला के संरक्षण के लिए आवश्यक कदम उठाने, आदिवासी विद्यार्थियों के लिए रोजगारपरक शिक्षा, छात्रावास एवं छात्रवृत्ति सुविधाओं का विस्तार करने तथा पांचवीं एवं छठवीं अनुसूची क्षेत्रों में शासन की कल्याणकारी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने की मांग की गई। इसके साथ ही अनुसूचित जनजातियों के संवैधानिक अधिकारों एवं कानूनी प्रावधानों का प्रभावी पालन सुनिश्चित करने,कुसमी को जिला बनाए जाने, कन्या छात्रावास में प्री-मैट्रिक बालिका छात्रावास खोले जाने, भुलसी एवं रामनगर रोड का निर्माण कराने तथा पांचवीं एवं छठवीं अनुसूची क्षेत्रों में ग्रामसभा की अनुमति के बिना अवैध उत्खनन नहीं किए जाने की मांग भी रखी गई।
रैली के रूप में एसडीएम कार्यालय पहुंचे समाज के लोग..
कार्यक्रम के समापन के बाद सर्व आदिवासी समाज के लोगों ने अपनी मांगों और अधिकारों को लेकर रैली निकाली। आदिवासी परंपरा और संस्कारों के अनुरूप नाचते-गाते एवं झूमते हुए समाज के लोग कुसमी के हाईस्कूल खेल मैदान से मुख्य मार्ग की ओर निकले। रैली में पारंपरिक गीत-संगीत और गाजे-बाजे के साथ बड़ी संख्या में महिला, पुरुष, युवा एवं बच्चे शामिल हुए। रैली कुसमी के प्रमुख मार्गों से होते हुए एसडीएम कार्यालय पहुंची। इस दौरान समाज के लोगों में उत्साह और एकजुटता देखने को मिली। रैली के माध्यम से समाज ने अपनी मांगों और अधिकारों को लेकर प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया। एसडीएम कार्यालय पहुंचने के बाद समाज के प्रतिनिधियों ने अपनी 10 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपकर आवश्यक कार्रवाई की मांग की।
समाज के उत्थान के लिए एकजुटता का आह्वान
कार्यक्रम के दौरान मंच से समाज के अन्य पदाधिकारियों एवं अतिथियों ने भी अपने विचार रखे। वक्ताओं ने कहा कि आदिवासी समाज के विकास के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, संवैधानिक अधिकारों की जानकारी और सामाजिक एकजुटता बेहद जरूरी है। समाज के लोगों को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होने के साथ-साथ आने वाली पीढ़ी को शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ाने पर विशेष ध्यान देना चाहिए। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित लोगों ने आदिवासी संस्कृति, परंपरा और संवैधानिक अधिकारों के संरक्षण के लिए एकजुट होकर कार्य करने का संकल्प लिया। विश्व आदिवासी दिवस का यह आयोजन सांस्कृतिक एकजुटता के साथ-साथ समाज की मूलभूत समस्याओं और अधिकारों को प्रशासन के समक्ष मजबूती से रखने का माध्यम बना। हाईस्कूल खेल मैदान से एसडीएम कार्यालय तक निकली रैली में उमड़ा जनसैलाब और पारंपरिक नृत्य-संगीत पूरे आयोजन का प्रमुख आकर्षण रहा।











