

अम्बिकापुर: शासकीय सुकर फार्म, सुकर फार्म, सकालो (अंबिकापुर (अंबिकापुर) में अफ्रीकन स्वाइन फीवर (African Swine Fever–ASF) वैक्सीन का ट्रायल मार्च माह से वैज्ञानिक मानकों के अनुरूप जारी है। यह परीक्षण नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हाई सिक्योरिटी एनिमल डिजीज (NIHSAD), भोपाल द्वारा संचालित किया जा रहा है। वैक्सीन का विकास भी NIHSAD, भोपाल के वैज्ञानिकों द्वारा किया गया है।
फार्म प्रबंधक डॉ. अजय अग्रवाल ने बताया कि वैक्सीन ट्रायल मार्च माह से प्रारंभ किया गया है। ट्रायल के निरीक्षण एवं मूल्यांकन के लिए NIHSAD, भोपाल के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. राजू कुमार 8 जुलाई को शासकीय सुकर फार्म, सकालो पहुंचे। उन्होंने ट्रायल की प्रगति का अवलोकन किया तथा ब्लड, सीरम एवं नेजल सैंपल एकत्रित कर वैज्ञानिक परीक्षण हेतु सुरक्षित किया। यह ट्रायल पशुपालन विभाग के संचालक के निर्देश एवं मार्गदर्शन में संचालित किया जा रहा है।
विशेषज्ञों के अनुसार अफ्रीकन स्वाइन फीवर (ASF) सूकरों में होने वाला अत्यंत घातक वायरल रोग है, जो घरेलू एवं जंगली दोनों प्रकार के सूकरों को प्रभावित करता है। इस रोग में मृत्यु दर अत्यधिक होती है तथा वर्तमान में इसका कोई प्रभावी उपचार उपलब्ध नहीं है। संक्रमित पशुओं को केवल लक्षणों के आधार पर सहायक उपचार दिया जा सकता है, किंतु इससे रोग का प्रभावी नियंत्रण संभव नहीं हो पाता।
उल्लेखनीय है कि भारत में अफ्रीकन स्वाइन फीवर (ASF) वैक्सीन का यह पहला ट्रायल है। वर्तमान में भारत सहित विश्व के अधिकांश देशों में (ASF) के लिए कोई पूर्ण रूप से स्वीकृत व्यावसायिक वैक्सीन उपलब्ध नहीं है। ऐसे में यह परीक्षण सूकर पालन क्षेत्र के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
वरिष्ठ पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. सी. के. मिश्रा ने बताया कि शासकीय सुकर फार्म, सुकर फार्म, सकालो(अंबिकापुर (अंबिकापुर) में वैक्सीन का ट्रायल वैज्ञानिक मानकों एवं जैव-सुरक्षा (बायोसिक्योरिटी) प्रोटोकॉल का पूर्ण पालन करते हुए किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यदि यह ट्रायल सफल रहता है, तो भविष्य में यह वैक्सीन भारत सहित विश्वभर के सूकर पालकों के लिए लाभकारी सिद्ध होगी तथा अफ्रीकन स्वाइन फीवर से होने वाली भारी आर्थिक क्षति को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।











