

बलरामपुर: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की मंशानुरूप प्रदेश में संचालित सुघ्घर छत्तीसगढ़ अभियान के सफल क्रियान्वयन के लिए जिला पंचायत के सभाकक्ष में जिला स्तरीय मास्टर ट्रेनरों का प्रशिक्षण आयोजित किया गया। कलेक्टर चंदन संजय त्रिपाठी की उपस्थिति में जिला पंचायत सीईओ नयनतारा सिंह तोमर ने अभियान की कार्ययोजना, सर्वेक्षण प्रक्रिया तथा विभागीय दायित्वों की विस्तृत जानकारी दी।
अभियान का उद्देश्य शासन की 17 विभागों की 31 हितग्राहीमूलक योजनाओं का लोगों तक शत-प्रतिशत लाभ पहुंचाना सुनिश्चित करना है, ताकि कोई भी पात्र व्यक्ति शासन की योजनाओं के लाभ से वंचित न रहे। इसके लिए जिले में चरणबद्ध तरीके से घर-घर सर्वेक्षण कर पात्र हितग्राहियों की पहचान की जाएगी तथा योजनाओं से जोड़ने की कार्यवाही की जाएगी।
कलेक्टर चंदन संजय त्रिपाठी ने प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे मास्टर ट्रेनरों से कहा कि वे विकासखण्ड स्तर पर अधिकारियों एवं कर्मचारियों को गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण प्रदान करें, जिससे ग्राम स्तर पर सर्वेक्षण निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार संपादित हो सके। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण केवल जानकारी देने तक सीमित न रहे, बल्कि इसका उद्देश्य योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन और प्रत्येक पात्र हितग्राही तक शासन की पहुंच सुनिश्चित करना होना चाहिए।
कलेक्टर ने सभी जिला अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि विकासखंड स्तरीय अधिकारी, रोजगार सहायकों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, मितानिन, एएनएम, पटवारी तथा अन्य सर्वेक्षण दल के सदस्यों के साथ समन्वय स्थापित कर घर-घर सर्वेक्षण की गुणवत्ता सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि जमीनी स्तर पर संयुक्त भ्रमण से वास्तविक स्थिति का आंकलन होगा, योजनाओं से वंचित पात्र हितग्राहियों की पहचान होगी तथा प्राप्त प्रमाणिक आंकड़ों के आधार पर योजनाओं का शत-प्रतिशत लाभ सुनिश्चित किया जा सकेगा।
प्रशिक्षण में मास्टर ट्रेनरों को निर्धारित प्रपत्रों में जानकारी भरने की प्रक्रिया, परिवार वार सर्वेक्षण, डिजिटल एवं भौतिक डेटा के सत्यापन, पोर्टल पर जानकारी दर्ज करने तथा विभागवार योजनाओं की समीक्षा संबंधी बिंदुओं की विस्तार से जानकारी दी गई। उन्हें बताया गया कि प्रशिक्षण के बाद वे विकासखंड स्तर पर अधिकारियों एवं कर्मचारियों को प्रशिक्षित करेंगे, जिससे पूरे जिले में सर्वेक्षण कार्य निर्धारित मानकों के अनुरूप संपादित हो सके।
जिला पंचायत सीईओ नयनतारा सिंह तोमर ने कहा कि अभियान की सफलता सभी विभागों के समन्वित प्रयासों पर निर्भर है। उन्होंने मास्टर ट्रेनरों से अपेक्षा की है कि वे ब्लॉक स्तर पर प्रशिक्षण के दौरान अभियान की अवधारणा, सर्वेक्षण की प्रक्रिया एवं डेटा संकलन की पद्धति को सरल और व्यवहारिक तरीके से समझाएं, ताकि सर्वेक्षण की गुणवत्ता और डेटा की शुद्धता बनी रहे।
उल्लेखनीय है कि सुघ्घर छत्तीसगढ़ अभियान के तहत 1 जुलाई से 11 अगस्त 2026 तक चरणबद्ध रूप से प्रशिक्षण, ग्राम स्तरीय सर्वेक्षण, हितग्राही सत्यापन एवं विशेष शिविरों का आयोजन किया जाएगा। अभियान के अंतर्गत खाद्य सुरक्षा, आवास, कृषि, स्वास्थ्य, शिक्षा, सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास, कौशल विकास, रोजगार, प्रमाण-पत्र सहित 17 विभागों की 31 प्रमुख योजनाओं का सर्वेक्षण कर शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाते हुए जिले में शत-प्रतिशत सैचुरेशन सुनिश्चित करना है।









