

निर्वाचित उपसरपंच और समिति अध्यक्ष को एल्डरमैन बनाने पर उठाए सवाल
बलरामपुर/राजपुर। राज्य सरकार द्वारा लगभग दो वर्ष बाद नगर पंचायतों में एल्डरमैनों की नियुक्ति किए जाने के बाद राजपुर नगर पंचायत की सूची को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं सामने आने लगी हैं। पार्षद राजन त्रिपाठी ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर नियुक्ति प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए कहा कि सूची में ऐसे लोगों को भी स्थान दिया गया है, जो पहले से अन्य पदों पर कार्यरत हैं।
उन्होंने कहा कि राजपुर जनपद क्षेत्र की ग्राम पंचायत कोटागहना के निर्वाचित उपसरपंच अनिल तिवारी को नगर पंचायत का एल्डरमैन नियुक्त किया गया है। साथ ही पंकज गुप्ता, जो छत्तीसगढ़ शासन के गौ सेवा आयोग, पशुधन विभाग की विकासखंड स्तरीय समिति के अध्यक्ष हैं, उन्हें भी एल्डरमैन बनाया गया है।यह भाजपा सरकार का अजूबा माना जा सकता है।राजन त्रिपाठी ने सवाल उठाते हुए कहा कि यदि कोई व्यक्ति पहले से ही निर्वाचित जनप्रतिनिधि या किसी शासकीय समिति में पदधारी है, तो उसे पुनः मनोनीत पद पर नियुक्त करने का आधार क्या है। उन्होंने कहा कि यह विषय आम लोगों और राजनीतिक कार्यकर्ताओं के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है।
उन्होंने यह भी कहा कि नगर पंचायत चुनाव के बाद अनेक कार्यकर्ताओं से एल्डरमैन बनाए जाने के वादे किए गए थे। लगभग 17–18 संभावित नामों की सूची भी वायरल हुई थी, लेकिन अंतिम सूची में अधिकांश नाम शामिल नहीं होने से निराशा ही हाथ लगी है।
राजन त्रिपाठी ने यह भी कहा कि प्रदेश में आदिवासी मुख्यमंत्री होने के कारण लोगों को उम्मीद थी कि एल्डरमैन नियुक्ति में आदिवासी समाज को भी उचित प्रतिनिधित्व मिलेगा, लेकिन जारी सूची में ऐसा दिखाई नहीं दिया ये भी बहुत बड़ा छलावा है सरकार की नाकामी और कारनामे धीरे धीरे जनता के सामने उजागर हो रहे हैं। उनके अनुसार इससे कार्यकर्ताओं और आम लोगों के बीच असंतोष की चर्चा है।
उन्होंने कहा कि जिन लोगों को एल्डरमैन नियुक्त किया गया है, उन्हें उनकी ओर से हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं हैं। वहीं जिन कार्यकर्ताओं को इस बार अवसर नहीं मिला, उनसे धैर्य रखने की अपील करते हुए कहा कि समय का इंतजार करें और आगे सरकार की कार्यप्रणाली तथा भावी रणनीति पर चिंतन करें।





















