इंदौर : हाल के दिनों में पेयजल की गुणवत्ता को लेकर उठे सवालों के बीच एक विदेशी छात्रा की जिज्ञासा चर्चा का विषय बन गई है। 21 जुलाई से शुरू होने वाले अंतरराष्ट्रीय सांस्कृतिक आदान-प्रदान कार्यक्रम से पहले ब्राजील की 12वीं कक्षा की एक छात्रा ने अपने मेजबान परिवार से सबसे पहले घर में इस्तेमाल होने वाले पानी की सुरक्षा के बारे में जानकारी मांगी। छात्रा ने जानना चाहा कि पीने, ब्रश करने और रोजमर्रा के उपयोग के लिए किस तरह का पानी उपलब्ध होगा और क्या वह पूरी तरह सुरक्षित है।

एक सवाल के बाद परिवार ने बदले इंतजाम

विदेशी छात्रा की चिंता को गंभीरता से लेते हुए सिख मोहल्ला में रहने वाले मेजबान परिवार ने घर की जल व्यवस्था में अतिरिक्त बदलाव करने का फैसला किया। परिवार ने केवल पीने के पानी तक ही सीमित न रहकर नहाने और अन्य घरेलू उपयोग के पानी को भी अधिक सुरक्षित बनाने की तैयारी शुरू कर दी है। इसके लिए ओवरहेड टैंक पर विशेष फिल्टर लगाया जा रहा है। साथ ही पीने के लिए मिनरल वाटर और वाटर कैंपर की व्यवस्था भी की जा रही है।

21 जुलाई को आएंगे 40 विदेशी विद्यार्थी

ब्राजील की छात्रा उन 40 विदेशी विद्यार्थियों के समूह का हिस्सा है, जो 21 जुलाई को कल्चरल एक्सचेंज प्रोग्राम के तहत इंदौर पहुंचेंगे। सभी छात्र करीब एक महीने तक शहर के अलग-अलग परिवारों के साथ रहेंगे। कार्यक्रम शुरू होने से पहले ऑनलाइन माध्यम से छात्रों और मेजबान परिवारों की बातचीत भी कराई गई, ताकि दोनों पक्ष जरूरी जानकारियां साझा कर सकें।

पहली बातचीत में पानी ही बना सबसे बड़ा मुद्दा

मेजबान परिवार के सदस्य राज वर्मा ने बताया कि शुरुआती बातचीत के दौरान छात्रा ने सबसे पहले पानी की गुणवत्ता को लेकर सवाल किया। उन्होंने बताया कि घर में फिल्टर किया हुआ पानी उपलब्ध है, लेकिन इलाके में कई बार नर्मदा का पानी मटमैला आता है। वहीं बोरवेल का पानी आरओ से फिल्टर करने के बाद भी उसमें बदबू महसूस होती है। इसी वजह से परिवार लंबे समय से मिनरल वाटर का इस्तेमाल कर रहा है। अब अतिरिक्त सावधानी के तौर पर लगभग 25 हजार रुपये की लागत से तीन कैंडल वाला फिल्टर भी लगाया जा रहा है।

संस्था ने पहले ही दी थी स्वास्थ्य संबंधी सलाह

कार्यक्रम में शामिल एक अन्य मेजबान परिवार ने बताया कि आयोजन करने वाली अंतरराष्ट्रीय संस्था ने विदेशी छात्रों को यात्रा से पहले ही सलाह दी थी कि वे जिस शहर में रहने जा रहे हैं, वहां की पानी और स्वास्थ्य व्यवस्था के बारे में पहले से जानकारी लें। आवेदन प्रक्रिया के दौरान भी इस संबंध में विस्तृत जानकारी मांगी गई थी, ताकि छात्रों का प्रवास सुरक्षित और सहज रहे।

पार्षद बोले, अब पानी की स्थिति सामान्य

वार्ड पार्षद सुरेश टाकलकर का कहना है कि कुछ समय पहले सिख मोहल्ला और आसपास के इलाकों से पानी की गुणवत्ता को लेकर शिकायतें जरूर मिली थीं, लेकिन अब हालात सामान्य हैं। उन्होंने बताया कि संबंधित परिवार से भी चर्चा की गई है और फिलहाल क्षेत्र में पहले की तुलना में बेहतर गुणवत्ता वाला पानी उपलब्ध कराया जा रहा है।

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