मध्य प्रदेश : सरकार ने औद्योगिक विकास को नई रफ्तार देने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। ग्वालियर में अत्याधुनिक टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन विकसित करने की योजना को आगे बढ़ाते हुए करीब 100 एकड़ से अधिक भूमि उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इस परियोजना का उद्देश्य प्रदेश में निवेश आकर्षित करना, नए उद्योग स्थापित करना और युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर तैयार करना है।

साडा से वापस लेकर राजस्व विभाग के नाम होगी जमीन

ग्वालियर कलेक्टर रुचिका चौहान ने ग्राम कुलैथ स्थित करीब 100 एकड़ (40.468 हेक्टेयर) भूमि को दोबारा राजस्व विभाग के नाम दर्ज करने के निर्देश जारी किए हैं। यह जमीन पहले विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण (साडा) की माधवराव काउंटर मैग्नेट सिटी परियोजना के लिए आवंटित की गई थी। अब मध्य प्रदेश इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (MPIDC) और औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन विभाग की मांग पर इसे औद्योगिक उपयोग के लिए स्थानांतरित किया जा रहा है।

टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन के लिए मिली मंजूरी

कलेक्टर कोर्ट के आदेश के अनुसार ग्राम कुलैथ और सौजना की कुल 40.468 हेक्टेयर भूमि, रास्ते के हिस्से को छोड़कर, राजस्व विभाग के रिकॉर्ड में दर्ज की जाएगी। इसके बाद यह जमीन औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन विभाग को सौंप दी जाएगी, जहां प्रस्तावित टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन विकसित किया जाएगा।

रिकॉर्ड अपडेट करने की प्रक्रिया शुरू

प्रशासन ने संबंधित अधिकारियों को भूमि का रिकॉर्ड जल्द अपडेट कर खसरे की प्रतियां कलेक्टरेट भेजने के निर्देश दिए हैं। नायब तहसीलदार और पटवारी स्तर पर रिकॉर्ड संशोधन की प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है, ताकि परियोजना का काम समय पर आगे बढ़ सके।

स्थानीय युवाओं को मिलेगा बड़ा फायदा

सरकार का मानना है कि इस परियोजना के शुरू होने से ग्वालियर में टेलीकॉम और इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योगों का विस्तार होगा। इससे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से बड़ी संख्या में रोजगार के अवसर पैदा होंगे, साथ ही क्षेत्र में निवेश और औद्योगिक गतिविधियां भी तेज होंगी।

क्या है टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन?

टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन एक विशेष औद्योगिक क्षेत्र होता है, जहां मोबाइल फोन, 5G उपकरण, एंटेना, राउटर, फाइबर ऑप्टिक सिस्टम और अन्य दूरसंचार उपकरणों का निर्माण किया जाता है। ऐसे क्षेत्रों में उद्योगों को आकर्षित करने के लिए सरकार बिजली, पानी, भूमि और करों में विभिन्न प्रकार की रियायतें उपलब्ध कराती है, जिससे कंपनियों के लिए उत्पादन इकाइयां स्थापित करना आसान हो जाता है।

Leave a reply

Please enter your name here
Please enter your comment!