

श्योपुर। कूनो नेशनल पार्क में आज एक अहम पल देखने को मिला, जब मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बोत्सवाना से लाए गए चीतों में से दो मादा चीतों को खुले जंगल में छोड़ा। जैसे ही पिंजरे का दरवाजा खुला, दोनों चीते तेज रफ्तार से जंगल की ओर भाग निकले, जिसने वहां मौजूद लोगों को रोमांचित कर दिया।
जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की मौजूदगी में हुआ कार्यक्रम
चीतों को आजाद करने के इस खास मौके पर कई जनप्रतिनिधि और वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। पूरे आयोजन को लेकर वन्यजीव संरक्षण से जुड़े लोगों में खास उत्साह देखने को मिला।
‘प्रोजेक्ट चीता’ बन रहा वैश्विक सफलता की मिसाल
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन के तहत शुरू किया गया ‘प्रोजेक्ट चीता’ अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सराहना बटोर रहा है। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश ने चीतों को अपने परिवार की तरह अपनाया है और यह पहल अब सफलता की नई कहानी लिख रही है।
देश में 57 चीते, कूनो बना मुख्य केंद्र
मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि वर्तमान में भारत में चीतों की कुल संख्या 57 हो चुकी है। इनमें से 54 चीते कूनो नेशनल पार्क में और 3 गांधी सागर अभयारण्य में मौजूद हैं। उन्होंने इसे जैव विविधता और पर्यावरण संतुलन के लिए बड़ी उपलब्धि बताया।
‘चीता स्टेट’ के रूप में उभर रहा मध्य प्रदेश
सीएम ने कहा कि अब चीते खुले जंगलों में विचरण करते हुए चंबल अंचल और राजस्थान तक पहुंच रहे हैं। इससे मध्य प्रदेश को ‘चीता स्टेट’ के रूप में नई पहचान मिल रही है। उन्होंने इस सफलता के लिए वन विभाग, विशेषज्ञ टीम और स्थानीय समुदाय के सहयोग की सराहना की।
बोत्सवाना से आए चीतों से बढ़ेगी जेनेटिक विविधता
गौरतलब है कि फरवरी 2026 में बोत्सवाना से 9 नए चीते कूनो लाए गए थे, जिनमें 6 मादा और 3 नर शामिल हैं। अनुकूलन प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब इनमें से दो मादा चीतों को जंगल में छोड़ा गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि इन चीतों के आने से जेनेटिक विविधता बढ़ेगी और भविष्य में चीतों की स्थायी आबादी विकसित करने में मदद मिलेगी।




















