

मध्य प्रदेश: खसरा का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है। प्रदेश के कई जिलों में संक्रमण के मामले सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड पर आ गया है। सबसे ज्यादा चिंता सतना जिले को लेकर बढ़ी है, जहां पिछले 15 दिनों के भीतर 18 लोगों में खसरा जैसे लक्षण दिखाई दिए हैं। जांच के बाद इनमें से 5 मरीजों में संक्रमण की पुष्टि हो चुकी है।
छोटी बच्चियों समेत युवती भी संक्रमण की चपेट में
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार पॉजिटिव पाए गए मरीजों में 4 छोटी बच्चियां और एक 26 वर्षीय युवती शामिल हैं। सभी मरीजों की निगरानी की जा रही है और प्रभावित इलाकों में स्वास्थ्य टीम लगातार सर्वे कर रही है।
इन जिलों में मिल चुके हैं खसरा के मरीज
प्रदेश में अब तक सतना, रतलाम, आलीराजपुर, शिवपुरी, दतिया और बुरहानपुर सहित कई जिलों में कुल 24 मरीजों में खसरा की पुष्टि हो चुकी है। सतना में अप्रैल के दूसरे पखवाड़े के दौरान संक्रमण के मामले तेजी से सामने आए। स्वास्थ्य विभाग ने 15 से 30 अप्रैल के बीच अलग-अलग क्षेत्रों से सैंपल लेकर जांच कराई थी, जिनमें कई रिपोर्ट पॉजिटिव आई हैं।
दो ब्लॉक में बढ़ा संक्रमण का असर
सतना जिले के नागौद ब्लॉक और मझगवां ब्लॉक में संक्रमण के मामले सामने आए हैं। नागौद ब्लॉक के सलैय्या उन्मुक्त गांव की 1 साल की बच्ची और चित्रकूट क्षेत्र की 2 साल की मासूम में खसरा की पुष्टि हुई है।
इसके अलावा मझगवां ब्लॉक के देवलहा गांव की 5 वर्षीय बच्ची और पिंडरा गांव की 6 वर्षीय बच्ची भी संक्रमण की शिकार मिली हैं। वहीं नागौद ब्लॉक के चकरगोहान क्षेत्र की 26 वर्षीय युवती की रिपोर्ट भी पॉजिटिव आई है।
स्वास्थ्य विभाग ने बढ़ाई निगरानी और सर्वे
स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि सभी संदिग्ध मरीजों की जांच पूरी कर ली गई है और रिपोर्ट की पुष्टि होने के बाद प्रभावित इलाकों में निगरानी बढ़ा दी गई है। मेडिकल टीम लगातार सर्वे, उपचार और लोगों को जागरूक करने का काम कर रही है।
डॉक्टरों के मुताबिक खसरा बेहद संक्रामक बीमारी है, जो बहुत तेजी से फैलती है। खासकर छोटे बच्चे इसकी चपेट में जल्दी आते हैं। समय पर पहचान और टीकाकरण ही इससे बचने का सबसे प्रभावी तरीका माना जाता है।
खसरा के ये लक्षण दिखें तो तुरंत रहें सतर्क
- तेज बुखार आना
- लगातार खांसी होना
- नाक बहना
- आंखों का लाल होना
- शरीर पर लाल चकत्ते निकलना
- मुंह के अंदर सफेद धब्बे दिखाई देना
कैसे फैलता है खसरा संक्रमण
खसरा एक वायरल बीमारी है, जो संक्रमित व्यक्ति के खांसने, छींकने या बातचीत के दौरान हवा के जरिए फैलती है। संक्रमण गंभीर होने पर निमोनिया, दस्त, कान में संक्रमण और दिमाग में सूजन जैसी खतरनाक समस्याएं भी हो सकती हैं।
बचाव के लिए इन बातों का रखें खास ध्यान
- एमएमआर वैक्सीन की दोनों खुराक समय पर लगवाएं
- पहली खुराक 9 महीने की उम्र में दिलाएं
- दूसरी खुराक 16 से 24 महीने के बीच जरूर लगवाएं
- कमजोर प्रतिरक्षा वाले लोग संक्रमित व्यक्ति से दूरी बनाकर रखें
- खांसी और छींक के समय मुंह ढंकें
- हाथों को साबुन से बार-बार साफ करें





















