बिलासपुर : गुरुवार और शुक्रवार को हुई मूसलाधार बारिश भले ही रुक गई हो, लेकिन उसके बाद शहर में कई नई समस्याएं सामने आने लगी हैं। कई इलाकों में पेयजल आपूर्ति प्रभावित हो गई है, सड़कों पर बड़े गड्ढे बन गए हैं, जर्जर मकानों में दरारें पड़ गई हैं और कई स्थानों पर दीवारें गिरने की घटनाएं हुई हैं। मौसम विभाग के रेड अलर्ट को देखते हुए जिला प्रशासन ने सभी विभागों को हाई अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए हैं।

नलों से आ रहा गंदा और मटमैला पानी

बारिश के बाद बंधवापारा, देवनंदन नगर, गीतांजलि सिटी, विजयपुरम, तिफरा, यदुनंदन नगर और चांटीडीह सहित कई इलाकों में अमृत मिशन की पाइपलाइन से गंदा और मिट्टी मिला पानी आने की शिकायतें मिली हैं। कई निजी बोरवेल का पानी भी मटमैला हो गया है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि यह पानी पीने और खाना बनाने के लिए सुरक्षित नहीं है। ऐसे में कई परिवारों को बाजार से पानी के जार खरीदकर अपनी जरूरत पूरी करनी पड़ रही है। लोगों ने जल्द से जल्द स्वच्छ पेयजल आपूर्ति बहाल करने की मांग की है।

कई जगह धंसी सड़कें, बढ़ा हादसों का खतरा

लगातार बारिश के कारण शहर की कई सड़कों के नीचे की मिट्टी बह गई है। पावर हाउस चौक, मगरपारा स्थित अंबेडकर स्कूल के पास और सरकंडा के पेठा कारखाना क्षेत्र में सड़क धंसने से बड़े गड्ढे बन गए हैं। इन स्थानों पर वाहन चालकों के लिए दुर्घटना का खतरा बढ़ गया है। स्थानीय नागरिकों ने क्षतिग्रस्त सड़कों की तत्काल मरम्मत की मांग की है।

जर्जर मकानों और दीवारों को भी पहुंचा नुकसान

भारी बारिश का असर पुराने भवनों पर भी पड़ा है। ईदगाह चौक के पास एक पुराने भवन में दरार आ गई, जबकि मध्यनगरीय चौक के समीप एक जर्जर मकान का छज्जा गिर गया। राहत की बात यह रही कि इन घटनाओं में कोई जनहानि नहीं हुई।वहीं तोरवा स्थित श्री गणेश एन्क्लेव कॉलोनी के प्रवेश द्वार की बाउंड्री वॉल भी भरभराकर गिर गई। शहर के अन्य हिस्सों से भी दीवारें गिरने की घटनाएं सामने आई हैं।

135 मकानों को हुआ नुकसान

जिला प्रशासन की रिपोर्ट के अनुसार बिलासपुर अनुभाग में 55 और नगर निगम क्षेत्र में 80 मकान बारिश से प्रभावित हुए हैं। इस तरह अब तक कुल 135 घरों को नुकसान पहुंचने की पुष्टि हुई है।बंधवापारा क्षेत्र में हालात सबसे अधिक प्रभावित रहे, जहां कई घरों में दूसरे दिन भी पानी भरा रहा। प्रभावित परिवार लगातार पानी निकालने और घरेलू सामान सुरक्षित करने में जुटे रहे।

रेड अलर्ट के बीच प्रशासन पूरी तरह सतर्क

मौसम विभाग ने अगले 48 से 72 घंटे के लिए भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया है। इसे देखते हुए कलेक्टर संजय अग्रवाल ने आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत सभी अधिकारियों और कर्मचारियों की छुट्टियां तत्काल प्रभाव से रद्द कर दी हैं। बिना अनुमति मुख्यालय छोड़ने पर भी रोक लगा दी गई है।

सभी विभागों को दिए गए विशेष निर्देश

जिला प्रशासन ने नगर निगम को जल निकासी व्यवस्था दुरुस्त रखने, पुलिस विभाग को संवेदनशील स्थानों पर बैरिकेडिंग करने, जल संसाधन विभाग को बांधों की लगातार निगरानी रखने, स्वास्थ्य विभाग को अस्पतालों और एम्बुलेंस की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा बिजली विभाग को फॉल्ट सुधार दल चौबीसों घंटे सक्रिय रखने के निर्देश दिए हैं।

लोगों से की गई सतर्क रहने की अपील

प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि भारी बारिश के दौरान अनावश्यक रूप से घरों से बाहर न निकलें, जलभराव वाले क्षेत्रों से दूरी बनाए रखें और किसी भी आपात स्थिति की सूचना तुरंत प्रशासन या कंट्रोल रूम को दें। रेड अलर्ट को देखते हुए प्रशासन लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है।

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