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जेसीबी से निकाला जा रहा मलबा और मिट्टी, वार्ड क्रमांक 5 में बंद जल निकासी मार्ग को लेकर भी उठे सवाल; भेड़ी टोंगरी से आने वाले पानी की स्थायी निकासी की उठी मांग

अम्बिकेश गुप्ता

कुसमी। शुक्रवार को पहली ही मूसलाधार बारिश में नगर के कई हिस्सों में जलभराव और घरों-दुकानों में पानी घुसने की स्थिति सामने आने के बाद अब नगर पंचायत कुसमी हरकत में आया है। बारिश में नगर की जल निकासी व्यवस्था की बदहाली सामने आने के बाद मुख्य नगर पालिका अधिकारी अरविंद विश्वकर्मा के नेतृत्व में जाम पड़ी नालियों का शनिवार को निरीक्षण कर सफाई का काम शुरू कराया गया हैं। इसी क्रम में बस स्टैंड क्षेत्र में बिजली विभाग कार्यालय के सामने से लेकर सरस्वती शिशु मंदिर के समीप स्थित नाली में जमा मलबे और मिट्टी को जेसीबी मशीन के माध्यम से हटाने का कार्य प्रारंभ किया गया।

नाली सफाई को लेकर रहवासियों ने जताई आपत्ति..

नाली की सफाई के दौरान कुछ घरों के रहवासियों ने कार्य को लेकर आपत्ति जताते हुए मौके पर मौजूद मुख्य नगर पालिका अधिकारी अरविंद विश्वकर्मा एवं तहसीलदार रॉकी एक्का के समक्ष अपनी समस्याएं रखीं। रहवासियों ने नाली की सफाई के बाद पानी के बहाव की दिशा और उससे संभावित समस्याओं को लेकर अधिकारियों को अवगत कराया। इस दौरान कुछ समय के लिए सफाई कार्य को लेकर विवाद की स्थिति भी बनी और नाली की सफाई रोकनी पड़ी। हालांकि अधिकारियों द्वारा संबंधित लोगों की समस्याएं सुनकर उनका समाधान किए जाने का आश्वासन दिया गया। अधिकारियों की समझाइश के बाद स्थिति शांत हुई और जेसीबी के माध्यम से नाली की सफाई का कार्य पुनः शुरू कराया गया।

वार्ड क्रमांक 5 में बंद पुरानी पुलिया से बढ़ी जलभराव की समस्या..

इधर, वार्ड क्रमांक 5 में मुख्य सड़क पर रैन बसेरा के सामने पूर्व में पानी निकासी के लिए बनाई गई पुलिया को भर दिए जाने से जल निकासी का मार्ग बंद होने का मामला भी सामने आया है। स्थानीय लोगों के अनुसार वर्षों से इस स्थान पर पानी निकासी की व्यवस्था थी, लेकिन पुलिया को बंद कर दिए जाने के बाद बारिश के दौरान बड़ी मात्रा में पानी आसपास के क्षेत्र में जमा होने लगा है। इससे कई घरों में पानी घुसने की समस्या उत्पन्न हो रही है। स्थानीय नागरिकों एवं विभिन्न वर्गों के लोगों ने मांग की है कि यदि उक्त स्थान पर वर्षों से पानी निकासी की व्यवस्था बनी हुई थी तो उसे बंद करने के बजाय पुनः पुलिया अथवा नाली का निर्माण कराया जाए, ताकि बरसात के दौरान पानी की निकासी सुचारू रूप से हो सके।

इस संबंध में मुख्य नगर पालिका अधिकारी अरविंद विश्वकर्मा ने बताया कि उक्त स्थान पर पुलिया का निर्माण लोक निर्माण विभाग द्वारा किया जाना है। उन्होंने मौके पर मौजूद पत्रकारों एवं नगरवासियों को संबंधित विभाग से पत्राचार कर आवश्यक कार्रवाई कराने की बात कही।

भेड़ी टोंगरी से आने वाले पानी की स्थायी निकासी की मांग..

कुसमी नगर के कई बुद्धिजीवी वर्गों का मानना है कि नगर के पीछे स्थित वन क्षेत्र भेड़ी टोंगरी से भारी बारिश के दौरान बड़ी मात्रा में बरसाती पानी तेज बहाव के साथ नगर की ओर आता है। यही पानी कई बार नगर के निचले इलाकों में पहुंचकर घरों और दुकानों में जलभराव की स्थिति उत्पन्न करता है। नगरवासियों का कहना है कि भेड़ी टोंगरी से आने वाले बरसाती पानी की दिशा तय करने और उसे नगर से बाहर सुरक्षित रूप से निकालने के लिए अब तक कोई ठोस एवं स्थायी पहल नहीं की गई है। उनका सुझाव है कि यदि भेड़ी टोंगरी के एक छोर से दूसरे छोर तक ढक्कनयुक्त नहरनुमा नाला बनाकर बरसाती पानी की निकासी की समुचित व्यवस्था की जाए और इस पानी को आबादी से दूर किसी सुरक्षित निकासी मार्ग से जोड़ दिया जाए, तो भारी बारिश के दौरान कुसमी नगर में प्रवेश करने वाले पानी की समस्या का स्थायी समाधान किया जा सकता है। वहीं बुद्धिजीवी वर्गों का कहना है कि नगर पंचायत और प्रशासन को केवल जाम नालियों की सफाई तक सीमित न रहकर भेड़ी टोंगरी से आने वाले बरसाती पानी के स्थायी प्रबंधन के लिए भी तकनीकी सर्वे कराकर विस्तृत योजना तैयार करनी चाहिए। इससे भविष्य में हर वर्ष बारिश के दौरान नगरवासियों को होने वाली परेशानी से काफी हद तक राहत मिल सकती है।

अधिकारियों ने किया जाम नालियों का निरीक्षण..

नगर में जलभराव की समस्या सामने आने के बाद मुख्य नगर पालिका अधिकारी अरविंद विश्वकर्मा एवं तहसीलदार कुसमी रॉकी एक्का ने विभिन्न स्थानों पर जाम पड़ी नालियों का निरीक्षण भी किया। अधिकारियों द्वारा मौके पर जल निकासी की स्थिति का जायजा लेते हुए आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। नगर पंचायत की ओर से शुरू की गई सफाई कार्रवाई के बाद अब नगरवासियों की नजर इस बात पर है कि कितने समय में सभी प्रमुख नालियों की सफाई पूरी होती है और जल निकासी की समस्या का कितना स्थायी समाधान हो पाता है।

बारिश से पहले सफाई होती तो नहीं आती ऐसी नौबत..

इधर, नगर पंचायत द्वारा बारिश के बीच नालियों की सफाई शुरू किए जाने को लेकर नगर में चर्चाएं भी शुरू हो गई हैं। नगरवासियों का कहना है कि यदि बरसात शुरू होने से पहले ही नगर की सभी नालियों की सफाई और जल निकासी मार्गों का निरीक्षण करा लिया जाता तो पहली ही बारिश में उत्पन्न हुई जलभराव की स्थिति से काफी हद तक बचा जा सकता था। समय रहते जाम पड़ी नालियों की सफाई हो जाती और जल निकासी के अवरोध भी दूर किए जा सकते थे। हालांकि अब बारिश के दौरान नालियों की सफाई करना नगर पंचायत के लिए भी चुनौतीपूर्ण साबित हो रहा है। एक ओर लगातार बारिश के कारण नालियों में पानी का बहाव बना हुआ है, वहीं दूसरी ओर कई स्थानों पर जमा मलबा और मिट्टी निकालने के बाद उसके सुरक्षित निस्तारण की समस्या भी सामने आ रही है।

नगरवासियों का कहना है कि पहली बारिश के बाद शुरू हुई यह सफाई केवल तात्कालिक कार्रवाई तक सीमित न रहे, बल्कि नगर की संपूर्ण जल निकासी व्यवस्था का स्थायी समाधान किया जाए। नालियों की सफाई के साथ-साथ जहां जल निकासी मार्ग बंद हो चुके हैं, वहां आवश्यकतानुसार पुलिया एवं नालियों का निर्माण कराया जाए। साथ ही भेड़ी टोंगरी से आने वाले बरसाती पानी के लिए अलग और सुरक्षित निकासी मार्ग विकसित किया जाए, ताकि आने वाले दिनों में भारी बारिश के दौरान लोगों को फिर से घरों और दुकानों में पानी घुसने जैसी समस्या का सामना न करना पड़े।पहली बारिश में जलभराव की समस्या सामने आने के बाद नगर पंचायत द्वारा शुरू की गई सफाई कार्रवाई को नगरवासी राहत की दिशा में पहला कदम मान रहे हैं। लेकिन अब लोगों की मांग है कि तत्कालीन सफाई के साथ-साथ नगर की जल निकासी व्यवस्था का स्थायी समाधान भी किया जाए, ताकि हर साल बारिश के मौसम में ऐसी स्थिति दोबारा उत्पन्न न हो।

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