

मध्य प्रदेश : राज्यसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। तीन खाली सीटों में से दो सीटें भारतीय जनता पार्टी के खाते में लगभग तय मानी जा रही हैं, जबकि एक सीट को लेकर स्थिति अभी स्पष्ट नहीं है।
भाजपा की रणनीति तैयार, दिल्ली भेजा गया नेताओं का पैनल
भारतीय जनता पार्टी ने संभावित प्रत्याशियों को लेकर नेताओं का पैनल केंद्रीय नेतृत्व को भेज दिया है। पार्टी सूत्रों के अनुसार, अगले एक से दो दिनों में उम्मीदवारों के नामों की घोषणा संभव है।
नामांकन प्रक्रिया जल्द शुरू, समीकरण साधने पर जोर
राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन प्रक्रिया एक जून से आठ जून तक चलेगी। इसी को देखते हुए पार्टी सभी सामाजिक और राजनीतिक समीकरणों को साधते हुए उम्मीदवार उतारने की तैयारी में है। चर्चा है कि दो सीटों पर अलग-अलग वर्गों का संतुलन साधा जा सकता है।
जातीय और सामाजिक संतुलन पर फोकस
सूत्रों के अनुसार, भाजपा इस बार जातीय और क्षेत्रीय संतुलन को ध्यान में रखकर उम्मीदवारों का चयन कर सकती है। एक सीट पर सामान्य वर्ग और दूसरी सीट पर अन्य पिछड़ा वर्ग या अनुसूचित जनजाति से उम्मीदवार उतारे जाने की संभावना जताई जा रही है।
वरिष्ठ नेताओं के नाम पर चर्चा तेज
पार्टी द्वारा दिल्ली भेजे गए पैनल में कई वरिष्ठ नेताओं के नाम शामिल बताए जा रहे हैं, जिनमें कैलाश विजयवर्गीय और नरोत्तम मिश्रा जैसे नाम प्रमुख हैं। दोनों नेता पहले से ही संगठन और सरकार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते रहे हैं, जिससे उनके राज्यसभा में जाने की अटकलें तेज हो गई हैं।
अन्य दावेदारों की भी चर्चा
पूर्व मंत्री अरविंद भदौरिया का नाम भी संभावित उम्मीदवारों की सूची में चर्चा में है। पार्टी के भीतर यह माना जा रहा है कि राज्यसभा चयन में अनुभव और संगठनात्मक संतुलन को प्राथमिकता दी जाएगी।
कुल मिलाकर, मध्य प्रदेश की राजनीति में राज्यसभा चुनाव ने सियासी हलचल बढ़ा दी है और आने वाले दिनों में नामों की आधिकारिक घोषणा के साथ तस्वीर और स्पष्ट हो जाएगी।





















