
Vrindavan Ashram Suspicious Death: वृंदावन स्थित गुरु कृपा कुंज आश्रम में जबलपुर के रहने वाले रसिक दुलारी उर्फ दीपक लोधी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है। दीपक गौर क्षेत्र के परसवाड़ा गांव का रहने वाला था और करीब दो साल से आश्रम में रहकर धार्मिक गतिविधियों से जुड़ा हुआ था। बताया जा रहा है कि आश्रम की चार मंजिला इमारत से गिरने के बाद उसकी जान चली गई। शुरुआती तौर पर घटना को हादसे या आत्महत्या से जोड़कर देखा जा रहा है, लेकिन परिवार इसे सामान्य घटना मानने को तैयार नहीं है। परिजनों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के लिए CBI जांच की मांग की है।
कॉलेज के दिनों से बढ़ी धार्मिक रुचि, नर्मदा परिक्रमा के बाद वृंदावन पहुंचा
परिवार के मुताबिक दीपक की धार्मिक गतिविधियों में रुचि कॉलेज की पढ़ाई के दौरान बढ़ी थी। नर्मदा परिक्रमा करने के बाद वह वृंदावन पहुंचा और प्रेमानंद महाराज के आश्रम से जुड़ गया। कुछ समय बाद वह वापस जबलपुर भी आया था, लेकिन करीब दो साल पहले दोबारा वृंदावन जाने के बाद वहीं रहने लगा। धीरे-धीरे परिवार से उसका संपर्क भी काफी कम हो गया था।
कमरे से मोबाइल और डायरी के साथ ग्राइंडर मिलने से बढ़ा संदेह
परिजनों ने मामले में कुछ ऐसे बिंदुओं का जिक्र किया है, जिनकी पुलिस जांच कर रही है। परिवार के मुताबिक दीपक के कमरे से खून से सना ग्राइंडर मिला है। इसके अलावा उसके शरीर के निजी हिस्से पर चोट की बात भी सामने आई है। पुलिस इस पहलू की जांच कर रही है कि ये चोटें किस परिस्थिति में आईं और क्या उनका मौत से कोई संबंध है।मौके से पुलिस ने मोबाइल फोन, डायरी और अन्य सामान भी अपने कब्जे में लिया है। अधिकारियों के अनुसार पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फोरेंसिक जांच के निष्कर्ष सामने आने के बाद ही मौत और चोटों की परिस्थितियों को लेकर स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
परिजनों का आरोप, घटना के बाद आश्रम में नहीं मिली जानकारी
दीपक के परिवार का कहना है कि मौत की जानकारी मिलने के बाद वे वृंदावन पहुंचे, लेकिन उन्हें आश्रम से जुड़े लोगों से पर्याप्त जानकारी नहीं मिली। परिजनों का आरोप है कि उन्हें काफी देर तक इधर-उधर भटकना पड़ा और दीपक के रहने की जगह तक भी जाने की अनुमति नहीं दी गई।परिवार का दावा है कि आश्रम में लगे CCTV कैमरों की फुटेज भी उन्हें पूरी तरह नहीं दिखाई गई। इन्हीं परिस्थितियों को देखते हुए परिजनों ने घटना की निष्पक्ष और विस्तृत जांच की मांग की है।
शिष्यों के बीच विवाद का भी लगाया आरोप
परिजनों ने आश्रम से जुड़े शिष्यों के बीच कथित विवाद और गुटबाजी का भी आरोप लगाया है। उनका कहना है कि इसी विवाद की वजह से दीपक को निशाना बनाया गया हो सकता है। हालांकि इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और पुलिस जांच में ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि इसका घटना से कोई संबंध है या नहीं।परिजनों ने यह भी दावा किया कि आश्रम में पहले भी एक युवती की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हुई थी। इसी वजह से परिवार दीपक की मौत को लेकर और अधिक सवाल उठा रहा है।
मां बोलीं, मेरा बेटा आत्महत्या नहीं कर सकता
दीपक की मां ने उसकी मौत को आत्महत्या मानने से इनकार किया है। उनका कहना है कि उनका बेटा ऐसा कदम नहीं उठा सकता और परिवार को आशंका है कि वह किसी साजिश का शिकार हुआ है। परिजनों ने मामले की गहराई से जांच और सभी परिस्थितियों की निष्पक्ष पड़ताल की मांग की है।
पोस्टमार्टम और फोरेंसिक रिपोर्ट पर टिकी जांच
फिलहाल पुलिस के सामने सबसे अहम सवाल यह है कि दीपक की मौत चार मंजिला इमारत से गिरने के कारण दुर्घटनावश हुई, उसने खुदकुशी की या फिर घटना के पीछे कोई अन्य परिस्थिति थी। कमरे से मिले सामान, शरीर पर चोट के निशान, CCTV फुटेज, मोबाइल और डायरी की जांच के साथ पोस्टमार्टम रिपोर्ट इस मामले में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। जांच पूरी होने के बाद ही मौत की वास्तविक वजह सामने आ सकेगी।




















