
नई दिल्ली: दिवाली और छठ जैसे बड़े त्योहारों से पहले आम लोगों को महंगाई का एक और झटका लगा है। रसोई के बजट पर अब चीनी की बढ़ती कीमतों का असर दिखाई देने लगा है। मिठाइयों और पकवानों से लेकर रोजाना इस्तेमाल होने वाली चाय तक, हर चीज महंगी पड़ रही है। बीते एक महीने में चीनी की कीमतों में 4 रुपये प्रति किलो से अधिक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। ऐसे में त्योहारों के दौरान आम उपभोक्ताओं की जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ना तय माना जा रहा है।
उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, देश में चीनी की औसत खुदरा कीमत बढ़कर 59.50 रुपये प्रति किलो पहुंच गई है। वहीं, थोक बाजार में इसका औसत भाव 55.40 रुपये प्रति किलो दर्ज किया गया है। पिछले एक महीने में दोनों बाजारों में कीमतों में 4 रुपये से अधिक का इजाफा हुआ है।सालाना आधार पर देखें तो चीनी की कीमतों में और भी बड़ी बढ़ोतरी हुई है। पिछले साल खुदरा बाजार में चीनी करीब 46.50 रुपये प्रति किलो मिल रही थी, जो अब बढ़कर 59.50 रुपये हो गई है। इसी तरह थोक कीमत 43.23 रुपये से बढ़कर 55.40 रुपये प्रति किलो पहुंच गई है। यानी एक साल में चीनी करीब 12 से 13 रुपये प्रति किलो महंगी हो चुकी है।
कोलकाता में सबसे महंगी, दिल्ली में भी 64 रुपये किलो
देश के प्रमुख शहरों में चीनी की कीमतों में अंतर देखने को मिल रहा है। 3 नवंबर के आंकड़ों के मुताबिक, कोलकाता में चीनी का खुदरा भाव सबसे अधिक 65 रुपये प्रति किलो दर्ज किया गया। दिल्ली में इसकी कीमत 64 रुपये और मुंबई में 61 रुपये प्रति किलो पहुंच गई है।पिछले साल की तुलना में इन शहरों में भी कीमतों में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है। कोलकाता में चीनी 50 रुपये, दिल्ली में 46 रुपये और मुंबई में 45 रुपये प्रति किलो बिक रही थी।
उत्पादन में कमी और बढ़ती मांग से कीमतों पर दबाव
चीनी की कीमतों में तेजी के पीछे पिछले सीजन में अनुमान से कम उत्पादन को प्रमुख वजह माना जा रहा है। इसके अलावा त्योहारों के दौरान मांग बढ़ने, फसलों को नुकसान पहुंचने, अंतरराष्ट्रीय बाजार में आपूर्ति प्रभावित होने और जमाखोरी जैसी आशंकाओं ने भी कीमतों पर दबाव बढ़ाया है।बाजार में कीमतों को नियंत्रित रखने के लिए सरकार ने चीनी के स्टॉक पर सीमा तय करने, आयात बढ़ाने और बाजार की निगरानी जैसे कदम उठाए हैं। इसके साथ ही चीनी मिलों में नए सीजन की पेराई भी पहले शुरू कराई गई है।
नए सीजन में 8.45 लाख टन चीनी का उत्पादन
इस बीच चीनी के नए सीजन 2026-27 में उत्पादन की शुरुआत हो चुकी है। नेशनल फेडरेशन ऑफ कोऑपरेटिव शुगर फैक्ट्रीज (NFCSF) के मुताबिक, 30 अक्टूबर तक देश की 152 चीनी मिलों ने कुल 8.45 लाख टन चीनी का उत्पादन किया है। नए सीजन में पेराई की शुरुआत 8 अक्टूबर से हुई थी।नए सीजन में उत्पादन बढ़ने से बाजार में चीनी की उपलब्धता बेहतर होने की उम्मीद है। हालांकि, कीमतों में राहत कितनी जल्दी मिलेगी, यह आने वाले दिनों में उत्पादन, आपूर्ति और त्योहारी मांग पर निर्भर करेगा। फिलहाल दिवाली और छठ से पहले चीनी की बढ़ती कीमतों ने आम लोगों की चिंता बढ़ा दी है।









