नई दिल्ली: दिल्ली के चावड़ी बाजार स्थित शीश महल गली में निर्माणाधीन तीन मंजिला इमारत गिरने के मामले में पुलिस ने तीन ठेकेदारों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों को हरियाणा के फरीदाबाद जिले की दौज तहसील के सिरोही गांव से पकड़ा गया। पुलिस ने तीनों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 105 के तहत दर्ज मामले में गिरफ्तारी की है। इस हादसे में अब तक दो लोगों की जान जा चुकी है, जबकि दो अन्य घायल हुए थे। घायलों की स्थिति स्थिर बताई गई है और दोनों खतरे से बाहर है।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सिराज, ताजुद्दीन और फरकान के रूप में हुई
सेंट्रल जिले के डीसीपी रोहित राजवीर सिंह के अनुसार, पुलिस ने सिराज, ताजुद्दीन और फरकान को हिरासत में लेकर गिरफ्तार किया है। सिराज, स्वर्गीय अब्दुल शकूर का बेटा है और अजमेरी गेट की गली सितारा में रहता है। ताजुद्दीन भी इसी इलाके का निवासी है। तीसरे आरोपी फरकान का घर शाहगंज चौक के पास गली नाल वाली में है। पुलिस तीनों से पूछताछ कर रही है और हादसे में उनकी भूमिका की पड़ताल की जा रही है।
5 नवंबर की सुबह करीब 9:48 बजे ढही थी इमारत
यह हादसा 5 नवंबर की सुबह करीब 9:48 बजे चावड़ी बाजार के शीश महल गली इलाके में हुआ था। निर्माणाधीन तीन मंजिला इमारत अचानक भरभराकर गिर गई, जिससे आसपास के क्षेत्र में हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही दिल्ली पुलिस, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF), दिल्ली अग्निशमन सेवा और नगर निगम (MCD) की टीमें घटनास्थल पर पहुंचीं। सभी एजेंसियों ने मिलकर राहत और बचाव अभियान शुरू किया। मलबे में अन्य लोगों के फंसे होने की आशंका को देखते हुए तलाशी और मलबा हटाने का काम जारी रखा गया।
मलबे से निकाले गए चार लोग, दो ने इलाज के दौरान दम तोड़ा
बचाव दल ने अब तक मलबे से चार लोगों को बाहर निकाला। इनमें 40 वर्षीय किशोरी और 45 वर्षीय संजीत की अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई। दोनों मंडावली की रेलवे कॉलोनी में रहते थे। हादसे में घायल हुए 25 वर्षीय सहदेव चौधरी और 37 वर्षीय फिरोज भी इसी इलाके से जुड़े है। पुलिस के मुताबिक, दोनों का इलाज चल रहा है और उनकी हालत स्थिर है।
निर्माण कार्य की जिम्मेदारी और सुरक्षा इंतजामों की जांच
हादसे के बाद पुलिस ने इमारत के मालिकों और निर्माण से जुड़े ठेकेदारों की भूमिका की जांच शुरू की थी। अब तीन ठेकेदारों की गिरफ्तारी के बाद जांच का दायरा आगे बढ़ाया जा रहा है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि इमारत का निर्माण किसकी निगरानी में हो रहा था और काम के दौरान अलग-अलग लोगों की क्या जिम्मेदारी थी।
इसके साथ ही निर्माण स्थल पर सुरक्षा मानकों का पालन किए जाने और जरूरी सावधानियां बरते जाने की भी जांच होगी। पुलिस इमारत गिरने की असल वजह जानने के लिए सभी संबंधित तथ्यों और परिस्थितियों की पड़ताल कर रही है। इस घटना ने पुरानी दिल्ली के घनी आबादी वाले इलाकों में जारी निर्माण कार्यों और आम लोगों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए है।









