अम्बिकेश गुप्ता

कुसमी:  केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण योजना के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर कुसमी विकासखंड में गुरुवार को एक महत्वपूर्ण पहल देखने को मिली। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डाइट) के नवनिर्मित भवन में विकासखंड स्तरीय एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। इस प्रशिक्षण का उद्देश्य न केवल मध्यान्ह भोजन की गुणवत्ता को बेहतर बनाना था, बल्कि विद्यालयों में अध्ययनरत बच्चों के पोषण स्तर को सुदृढ़ करना और योजना से जुड़े कर्मियों की कार्यक्षमता को बढ़ाना भी रहा।

कार्यक्रम की शुरुआत पारंपरिक स्वागत एवं परिचय सत्र के साथ हुई, जिसमें उपस्थित अधिकारियों और प्रतिभागियों ने योजना के महत्व पर प्रकाश डाला। प्रशिक्षण का संचालन मास्टर ट्रेनर शशांक भूषण दुबे और नेहा गुप्ता द्वारा किया गया। दोनों प्रशिक्षकों ने अत्यंत सरल एवं व्यवहारिक तरीके से योजना के विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी, जिससे प्रतिभागियों को विषय को समझने में आसानी हुई।

प्रशिक्षण सत्र के दौरान मध्यान्ह भोजन की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए निर्धारित पोषण मानकों, खाद्यान्न की सुरक्षित भंडारण व्यवस्था तथा स्वच्छ और सुरक्षित तरीके से भोजन तैयार करने की प्रक्रियाओं पर विशेष जोर दिया गया। इसके साथ ही खाद्य सुरक्षा मानकों के पालन और बच्चों के स्वास्थ्य पर इसके प्रभाव को विस्तार से समझाया गया। प्रशिक्षकों ने बताया कि संतुलित आहार बच्चों के शारीरिक एवं मानसिक विकास के लिए अत्यंत आवश्यक है, इसलिए भोजन की गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाना चाहिए।

व्यावहारिक प्रशिक्षण के अंतर्गत प्रतिभागियों को हाथ धोने की सही विधि, स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने, रसोईघर की नियमित साफ-सफाई, खाद्य सामग्री के सुरक्षित भंडारण तथा भोजन वितरण की सही प्रक्रिया के बारे में विस्तार से बताया गया। इन गतिविधियों के माध्यम से रसोइयों एवं सहायकों को दैनिक कार्य में अपनाए जाने वाले जरूरी मानकों की जानकारी दी गई।

प्रशिक्षण के दौरान अभिलेख संधारण, निरीक्षण व्यवस्था तथा शासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के पालन पर भी विशेष चर्चा हुई। प्रशिक्षकों ने स्पष्ट किया कि योजना की पारदर्शिता एवं प्रभावशीलता बनाए रखने के लिए दस्तावेजों का सही रखरखाव और नियमित निरीक्षण बेहद आवश्यक है।

कार्यक्रम को अधिक रोचक एवं सहभागितापूर्ण बनाने के लिए समूह चर्चा, प्रश्नोत्तर सत्र और अनुभव साझा करने जैसी गतिविधियां भी आयोजित की गईं। इसमें प्रतिभागियों ने अपने अनुभव साझा किए और विभिन्न समस्याओं के समाधान पर चर्चा की। इससे प्रशिक्षण का स्तर और अधिक व्यावहारिक बन गया।

इस अवसर पर सहायक विकास खंड शिक्षा अधिकारी नन्द कुमार गुप्ता ने अपने संबोधन में कहा कि प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण योजना बच्चों के स्वास्थ्य एवं पोषण स्तर को सुधारने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने रसोइयों और संबंधित कर्मियों की भूमिका को अहम बताते हुए कहा कि उनके प्रशिक्षण से ही योजना की सफलता सुनिश्चित की जा सकती है। उन्होंने विश्वास जताया कि इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रमों से कार्य में दक्षता बढ़ेगी और बच्चों को गुणवत्तापूर्ण एवं पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराया जा सकेगा।

कार्यक्रम में विकासखंड स्रोत समन्वयक, मध्याह्न भोजन प्रभारी मो. शकील अहमद, संकुल समन्वयक उमेश गुप्ता, निलेश दुबे एवं शमसेर अली सहित विभिन्न विद्यालयों से आए रसोइयों, सहायक कर्मियों एवं अन्य हितधारकों की सक्रिय भागीदारी रही। प्रतिभागियों ने प्रशिक्षण को अत्यंत उपयोगी, ज्ञानवर्धक और व्यवहारिक बताया।

अंत में धन्यवाद ज्ञापन के साथ कार्यक्रम का समापन किया गया। आयोजकों ने आशा व्यक्त की कि प्रशिक्षण में दी गई जानकारी को सभी प्रतिभागी अपने-अपने विद्यालयों में लागू करेंगे, जिससे योजना का बेहतर क्रियान्वयन सुनिश्चित हो सकेगा और बच्चों के स्वास्थ्य एवं पोषण स्तर में सकारात्मक सुधार देखने को मिलेगा।

Leave a reply

Please enter your name here
Please enter your comment!