मध्य प्रदेश : सतना जिला चिकित्सालय में शनिवार को एक हैरान करने वाली घटना सामने आई। अस्पताल के प्रथम तल स्थित आइसोलेशन वार्ड तक एक युवक बाइक लेकर पहुंच गया। इस दृश्य को देखकर मरीज, परिजन और अस्पताल कर्मी भी आश्चर्यचकित रह गए। शुरुआत में इसे सुरक्षा व्यवस्था में गंभीर लापरवाही माना गया, लेकिन बाद में सामने आए तथ्यों ने पूरी घटना की अलग कहानी बयां कर दी।

रीवा रेफर मरीज को नीचे लाने में हुई परेशानी

जानकारी के अनुसार, युवक सीताराम सोनी अपने परिजन अंजनी सोनी को लेने अस्पताल पहुंचा था। अंजनी सोनी अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड क्रमांक-10 में भर्ती थे और चिकित्सकों ने उन्हें बेहतर उपचार के लिए रीवा रेफर किया था। परिजनों का आरोप है कि मरीज को वार्ड से नीचे लाने के लिए समय पर स्ट्रेचर उपलब्ध नहीं कराया गया।

कई प्रयासों के बाद उठाया यह कदम

बताया जा रहा है कि स्ट्रेचर की व्यवस्था नहीं होने पर युवक ने कई बार अस्पताल कर्मचारियों से संपर्क किया, लेकिन जब कोई समाधान नहीं निकला तो वह मजबूरी में बाइक लेकर अस्पताल के भीतर प्रथम तल तक पहुंच गया। उसका उद्देश्य मरीज को जल्द से जल्द नीचे लाना था।

मरीज ने बाइक पर जाने से किया इनकार

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक युवक मरीज को बाइक पर बैठाकर अस्पताल से बाहर ले जाना चाहता था, लेकिन घायल अंजनी सोनी की स्थिति ऐसी नहीं थी कि वह बाइक पर बैठ सकें। मरीज ने स्वयं बाइक पर जाने से मना कर दिया, जिसके बाद युवक वापस लौट आया। हालांकि इस दौरान अस्पताल के भीतर बाइक पहुंचने की घटना चर्चा का विषय बन गई।

बुनियादी सुविधाओं पर उठे सवाल

अंजनी सोनी घोड़े की लात लगने से घायल हुए थे और उनका उपचार जिला अस्पताल में चल रहा था। इस पूरे घटनाक्रम ने अस्पताल में मरीजों के लिए स्ट्रेचर जैसी मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता और प्रबंधन व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

प्रशासन ने दी सफाई

अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि मरीज को आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं और निर्धारित प्रक्रिया के तहत उसे रीवा रेफर किया गया। हालांकि, घटना के बाद अस्पताल की व्यवस्थाओं को लेकर लोगों में नाराजगी और चर्चा का माहौल बना हुआ है।

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