अयोध्या। राम मंदिर के चढ़ावा चोरी मामले में विशेष जांच दल (एसआईटी) ने अपनी जांच तेज कर दी है। जांच एजेंसी अब यह पता लगाने में जुटी है कि मंदिर की व्यवस्था से जुड़े किस अधिकारी और पदाधिकारी के पास कौन-कौन सी जिम्मेदारियां थीं और सुरक्षा तथा चढ़ावे के प्रबंधन में कहीं कोई लापरवाही तो नहीं हुई।

जिम्मेदारियों की परतें खंगाल रही जांच एजेंसी

एसआईटी मंदिर प्रशासन और ट्रस्ट की कार्यप्रणाली का बारीकी से अध्ययन कर रही है। जांच का मुख्य उद्देश्य यह स्पष्ट करना है कि चढ़ावे की सुरक्षा, रखरखाव और निगरानी की जिम्मेदारी किन लोगों के पास थी तथा निर्धारित प्रक्रियाओं का पालन हुआ या नहीं।

दो नामों पर सबसे ज्यादा चर्चा

जांच के दौरान दो नाम सबसे अधिक चर्चा में हैं। इनमें टिन्नू यादव और चंपत राय शामिल हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, टिन्नू यादव के जिम्मे श्रद्धालुओं की दर्शन व्यवस्था के संचालन के साथ चढ़ावे और दान की देखरेख का कार्य था। वहीं चंपत राय को मंदिर और ट्रस्ट से जुड़े विभिन्न प्रशासनिक मामलों की जानकारी और निगरानी की जिम्मेदारी से जोड़ा जा रहा है।

हर पहलू की जांच में जुटी SIT

फिलहाल एसआईटी पूरे मामले के सभी पहलुओं की जांच कर रही है। दस्तावेजों की पड़ताल, जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका और सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े तथ्यों का परीक्षण किया जा रहा है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि चोरी की घटना के पीछे किस स्तर पर चूक हुई और आगे क्या कार्रवाई की जाएगी।

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