Petrol-Diesel Rate Today on July 27:देशभर में 27 जुलाई को पेट्रोल और डीजल की खुदरा कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। आम उपभोक्ताओं को लगातार स्थिर दामों का फायदा मिल रहा है। इस बीच अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में नरमी देखने को मिली है, जिसकी सबसे बडी वजह अमेरिका और ईरान के बीच फिर से शुरू हुई कूटनीतिक बातचीत मानी जा रही है।

अमेरिका और ईरान की बातचीत से बाजार को मिली राहत

हाल के दिनों में दोनों देशों के बीच तनाव कम होने के संकेत मिले हैं। संयुक्त राष्ट्र में अमेरिकी प्रतिनिधि माइक वॉल्ट्ज के बयान के बाद यह उम्मीद मजबूत हुई कि बातचीत के जरिए विवाद सुलझाने की कोशिश आगे बढेगी। पिछले दो दिनों से किसी नए सैन्य टकराव की खबर नहीं आने से वैश्विक तेल बाजार में राहत का माहौल बना है। इसी का असर कच्चे तेल की कीमतों पर भी दिखाई दिया और पिछले सप्ताह के मुकाबले इसमें गिरावट दर्ज की गई।

होर्मुज जलडमरूमध्य क्यों है पूरी दुनिया के लिए अहम

दुनिया के कुल कच्चे तेल का एक बडा हिस्सा होर्मुज जलडमरूमध्य से होकर गुजरता है। ऐसे में इस क्षेत्र में तनाव बढते ही तेल की आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका पैदा हो जाती है। यही कारण है कि अमेरिका और ईरान के बीच तनाव का सीधा असर अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों पर दिखाई देता है। जब हालात सामान्य रहने की उम्मीद बढती है, तब बाजार में भी कीमतों पर दबाव कम हो जाता है।

आज प्रमुख शहरों में पेट्रोल और डीजल के दाम

शहरपेट्रोलडीजल
दिल्ली102.12 रुपये प्रति लीटर95.20 रुपये प्रति लीटर
मुंबई111.21 रुपये प्रति लीटर97.83 रुपये प्रति लीटर
कोलकाता113.51 रुपये प्रति लीटर99.82 रुपये प्रति लीटर
बेंगलुरु110.93 रुपये प्रति लीटर98.80 रुपये प्रति लीटर
चेन्नई107.77 रुपये प्रति लीटर99.55 रुपये प्रति लीटर
पटना113.35 रुपये प्रति लीटर99.36 रुपये प्रति लीटर
सूरत101.81 रुपये प्रति लीटर97.92 रुपये प्रति लीटर
वाराणसी102.03 रुपये प्रति लीटर95.53 रुपये प्रति लीटर
कानपुर101.59 रुपये प्रति लीटर95.06 रुपये प्रति लीटर

कब से नहीं बदले ईंधन के दाम

देश में 25 मई के बाद से पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई संशोधन नहीं हुआ है। तब सरकारी तेल कंपनियों ने पेट्रोल के दाम में 2.61 रुपये प्रति लीटर और डीजल के दाम में 2.71 रुपये प्रति लीटर की बढोतरी की थी। इसके बाद से खुदरा दरें स्थिर बनी हुई हैं।

किन कारणों से तय होती हैं पेट्रोल और डीजल की कीमतें

भारत अपनी जरूरत का अधिकांश कच्चा तेल विदेशों से आयात करता है। इसलिए अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रूड ऑयल की कीमतों में बदलाव का सीधा असर घरेलू ईंधन कीमतों पर पडता है। इसके अलावा डॉलर के मुकाबले रुपये की स्थिति भी अहम भूमिका निभाती है। यदि रुपया कमजोर होता है तो आयात महंगा हो जाता है, जिससे पेट्रोल और डीजल की लागत बढने की संभावना रहती है।

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