बलरामपुर/राजपुर: वन सुरक्षा को लेकर वन विभाग द्वारा चलाए जा रहे रात्रि गश्ती अभियान के दौरान राजपुर वन परिक्षेत्र की टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध रूप से साल चिरान का परिवहन करते एक टाटा योद्धा वाहन को जब्त किया है। वाहन से कुल 80 नग साल चिरान बरामद हुआ, जिसकी मात्रा 1.209 घनमीटर बताई गई है। जब्त वाहन की अनुमानित कीमत करीब 6 लाख रुपये और वनोपज की कीमत करीब 80 हजार रुपये आंकी गई है।

वन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार वनमण्डलाधिकारी बलरामपुर आलोक वाजपेयी के निर्देशन में वन सुरक्षा की दृष्टि से वन परिक्षेत्रों में नियमित रात्रि गश्त के निर्देश दिए गए हैं। इसी क्रम में उप वनमण्डलाधिकारी राजपुर के मार्गदर्शन में वन परिक्षेत्राधिकारी राजपुर द्वारा कर्मचारियों की टीम गठित कर रात्रि गश्त की जा रही थी।
9 सितंबर 2026 की रात करीब 11:30 बजे राजपुर से ओकरा-धौरपुर-करदोनी मार्ग पर गश्ती दल ने टाटा योद्धा वाहन क्रमांक UP T 64 BT 3521को रोककर जांच की। जांच के दौरान वाहन में अवैध रूप से राष्ट्रीयकृत साल चिरान का परिवहन किया जाना पाया गया। इसके बाद वन विभाग की टीम ने वाहन सहित 80 नग साल चिरान जब्त कर लिया।मामले में वन विभाग ने वन अपराध प्रकरण क्रमांक 22026/02, 09.09.2026 दर्ज किया है। प्रकरण में छत्तीसगढ़ अभिवहन (वनोपज) नियम 2001 की संबंधित धाराओं, मध्यप्रदेश वन उपज (व्यापार विनियमन) अधिनियम 1989, भारतीय वन अधिनियम 1927 तथा मध्यप्रदेश काष्ठ चिरान (विनियमन) अधिनियम 1984 के तहत कार्रवाई की गई है।



वन विभाग के अनुसार, प्रकरण में गिरफ्तार मुख्य आरोपी अजय टोप्पो, पिता जयमल टोप्पो, निवासी करदोनी, जिला सरगुजा से पूछताछ की जा रही है। विभाग का दावा है कि पूछताछ के दौरान लकड़ी की खरीद-बिक्री से जुड़े कई लोगों के संबंध में जानकारी सामने आई है और कुछ स्थानों पर आगे की कार्रवाई जारी है।प्रारंभिक पूछताछ में यह जानकारी सामने आई कि आरोपी द्वारा कथित तौर पर विभिन्न लोगों से करीब 400 रुपये प्रति नग की दर से 80 नग चौखट की लकड़ी खरीदी गई थी। लकड़ी को करदोनी ले जाकर आसपास के गांवों में करीब 600 रुपये प्रति नग की दर से बेचने का उद्देश्य बताया गया है। वन विभाग के अनुसार, मामले की जांच के दौरान लकड़ी की कटाई, चिराई और खरीद-बिक्री से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका भी सामने आ सकती है।वन विभाग ने बताया कि रात्रि गश्ती के दौरान वाहन की जब्ती से लकड़ी तस्करी से जुड़े संभावित नेटवर्क की जानकारी मिली है। मामले में विवेचना जारी है और जांच के आधार पर आगे नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

कार्रवाई में परिक्षेत्राधिकारी राजपुर अजय वर्मा, परिक्षेत्र सहायक अमृत प्रताप सिंहपरिसर रक्षक पुनीत कुमार सिंह वनरक्षक प्रमीट कुमार एक्का कुंदन पैकरा, राकेश लकड़ा, राजेश कुमार, धीरेन्द्र प्रताप सिंह, युधिष्ठिर राम, भूपेन्द्र प्रताप सिंह, वाहन चालक जगेश्वर पैकरा, नीरज कुजूर एवं सम्मेलाल का सराहनीय योगदान रहा।

Leave a reply

Please enter your name here
Please enter your comment!