
अम्बिकापुर: होली क्रॉस वीमेन्स कॉलेज, अम्बिकापुर के सभागार में साइबर सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। छत्तीसगढ़ पुलिस के साइबर जागृति अभियान के तहत आयोजित कार्यक्रम का उद्देश्य छात्राओं को बढ़ते साइबर अपराधों के प्रति जागरूक करना और सुरक्षित डिजिटल व्यवहार के लिए प्रेरित करना रहा।
कार्यक्रम का आयोजन महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. सि. शांता जोसफ के निर्देशन में किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत अतिथियों के स्वागत के साथ हुई। पुलिस कंट्रोल रूम अम्बिकापुर के प्रभारी उपनिरीक्षक अभय तिवारी ने साइबर जागृति अभियान की जानकारी देते हुए विद्यार्थियों को ऑनलाइन गतिविधियों के दौरान सतर्कता बरतने की अपील की।इसके बाद साइबर सेल अम्बिकापुर के विशेषज्ञ अनुज जायसवाल ने छात्राओं को साइबर अपराध के विभिन्न तरीकों की जानकारी दी। उन्होंने ऑनलाइन फ्रॉड, ओटीपी से जुड़ी धोखाधड़ी, सोशल मीडिया स्कैम, यूपीआई फ्रॉड और डिजिटल अरेस्ट जैसे मामलों को उदाहरणों के माध्यम से समझाया। उन्होंने कहा कि साइबर अपराध से बचने के लिए जागरूकता और सावधानी सबसे महत्वपूर्ण हथियार हैं। किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक करने, ओटीपी या बैंक संबंधी जानकारी साझा करने से पहले पूरी तरह सतर्क रहने की जरूरत है।
कार्यक्रम में नवा विहार नशा मुक्ति केंद्र अम्बिकापुर के संयोजक मंगल पाण्डेय तथा साइबर सेल विशेषज्ञ अमन पुरी ने भी साइबर सुरक्षा के विभिन्न पहलुओं पर अपने विचार रखे। उन्होंने युवाओं से सोशल मीडिया और डिजिटल संसाधनों का विवेकपूर्ण एवं जिम्मेदारी के साथ उपयोग करने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के समापन अवसर पर अजय तिवारी ने ‘आज का युवा’ शीर्षक से ओजपूर्ण कविता-पाठ प्रस्तुत किया, जिसने उपस्थित छात्राओं एवं शिक्षकों को प्रेरित किया।कार्यक्रम का संचालन एवं आभार प्रदर्शन गणित विभाग के सहायक प्राध्यापक आलोक चक्रवर्ती ने किया। इस अवसर पर महाविद्यालय की उप-प्राचार्य डॉ. सि. मंजू टोप्पो, सहायक उपनिरीक्षक एवं साइबर सेल प्रभारी अजीत कुमार मिश्रा, साइबर सेल विशेषज्ञ अविनाश कुमार, नशा मुक्ति केंद्र की हिना खान सहित महाविद्यालय के शिक्षकगण एवं बड़ी संख्या में छात्राएं उपस्थित रहीं।
कार्यक्रम के माध्यम से छात्राओं को यह संदेश दिया गया कि डिजिटल दुनिया में एक छोटी सी लापरवाही आर्थिक नुकसान के साथ-साथ व्यक्तिगत जानकारी और गोपनीयता के लिए भी खतरा बन सकती है। इसलिए सतर्क रहें, सुरक्षित रहें और किसी भी संदिग्ध डिजिटल गतिविधि की तत्काल शिकायत करें।




















