Rajnath Singh Germany:   बर्लिन में भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने पश्चिम एशिया संकट और वैश्विक शांति व्यवस्था पर भारत की संभावित भूमिका को लेकर अहम बयान दिया। उन्होंने कहा कि सही समय आने पर भारत शांति स्थापित करने में बड़ी भूमिका निभा सकता है।

भारत का संतुलित रुख और कूटनीतिक दृष्टिकोण
राजनाथ सिंह ने स्पष्ट किया कि भारत सरकार का रुख हमेशा संतुलित और शांति समर्थक रहा है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी सभी पक्षों से युद्ध समाप्त करने की अपील की है। भारत ने कूटनीतिक मामलों में हमेशा व्यावहारिक और संतुलित दृष्टिकोण अपनाया है।

ऊर्जा संकट से कम प्रभावित भारत, मजबूत स्थिति का दावा
रक्षा मंत्री ने कहा कि वैश्विक संकट के बावजूद भारत अपेक्षाकृत सुरक्षित स्थिति में है। देश के पास ऊर्जा, कच्चा तेल और एलपीजी का पर्याप्त भंडार मौजूद है, जिससे अर्थव्यवस्था पर बड़ा असर नहीं पड़ा है।

भारत निभा सकता है मध्यस्थ की भूमिका
राजनाथ सिंह ने कहा कि भारत पहले भी कई अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर शांति के लिए प्रयास कर चुका है, लेकिन हर चीज का एक सही समय होता है। उन्होंने कहा कि भविष्य में ऐसा अवसर आ सकता है जब भारत सक्रिय रूप से मध्यस्थता की भूमिका निभाए और सफल भी हो।

डिजिटल इंडिया की वैश्विक पहचान पर जोर
अपने संबोधन में उन्होंने भारत की डिजिटल ताकत का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि भारत अब रियल टाइम डिजिटल ट्रांजैक्शन में वैश्विक नेतृत्व कर रहा है।

UPI ने बनाया भारत को डिजिटल पावरहाउस
राजनाथ सिंह ने बताया कि मार्च महीने में ही करीब 22.64 अरब UPI ट्रांजैक्शन हुए, जिनका कुल मूल्य 29.53 लाख करोड़ रुपये रहा। भारत अब कई देशों को UPI सुविधा भी उपलब्ध करा रहा है, जो उसकी डिजिटल क्षमता को वैश्विक स्तर पर मजबूत करता है।

वैश्विक मंच पर भारत की बढ़ती भूमिका
इस बयान के साथ यह स्पष्ट हुआ कि भारत न केवल आर्थिक और तकनीकी क्षेत्र में मजबूत हो रहा है, बल्कि वैश्विक शांति और कूटनीति में भी उसकी भूमिका तेजी से बढ़ रही है।

Leave a reply

Please enter your name here
Please enter your comment!