राजस्थान कैडर के IAS अधिकारी शिखर अग्रवाल अपनी संपत्तियों को लेकर चर्चा में है। रिपोर्ट के मुताबिक, जांच के दौरान उदयपुर और अलवर में उनके परिवार से जुड़ी करोड़ों रुपये की संपत्तियों का पता चला है। आरोप है कि अधिकारी और उनके परिवार ने तीन साल के भीतर दो रिसॉर्ट में कुल 40 कॉटेज और विला खरीदे। इसके बाद इन्हें उसी कंपनी को लीज पर दे दिया गया, जिससे ये संपत्तियां खरीदी गई थीं। मामला सामने आने के बाद सरकार ने शिखर अग्रवाल को APO कर दिया है।

तीन साल में खरीदे 40 विला और कॉटेज

जानकारी के अनुसार, सितंबर 2023 में शिखर अग्रवाल और उनके परिवार ने उदयपुर के बुझड़ा स्थित अनंता रिसॉर्ट में 20 कॉटेज खरीदे थे। इसके बाद मार्च 2026 में अलवर जिले के अजबगढ़ स्थित अनंता रिसॉर्ट में 20 विला और खरीदे गए। इस तरह परिवार के नाम कुल 40 संपत्तियों की खरीद का मामला सामने आया है।

बताया गया है कि इन संपत्तियों की रजिस्ट्री IAS शिखर अग्रवाल, उनकी पत्नी IPS अधिकारी प्रशाखा माथुर और परिवार के अन्य सदस्यों के नाम पर कराई गई। परिवार के दोनों बेटों के नाम भी संपत्तियां दर्ज होने की जानकारी दी गई है।

संपत्ति की जानकारी और खरीद को लेकर सवाल

IAS और IPS अधिकारियों को अपनी अचल संपत्ति का ब्योरा देना होता है। रिपोर्ट के मुताबिक, जनवरी 2026 में शिखर अग्रवाल ने अपनी संपत्ति संबंधी घोषणा में 14 संपत्तियों का उल्लेख किया था, जबकि उनकी पत्नी ने अपनी संपत्ति शून्य बताई थी।

इसके बाद परिवार के नाम 40 विला और कॉटेज की खरीद की जानकारी सामने आने से संपत्ति के विवरण और खरीद के स्रोत को लेकर सवाल उठने लगे। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि संपत्तियों का कुल मूल्य अधिकारियों की घोषित आय की तुलना में काफी अधिक है। हालांकि, संपत्तियों के मूल्य और आय के बीच अंतर को लेकर अंतिम निष्कर्ष जांच के तथ्यों पर निर्भर करेगा।

जिस कंपनी से खरीदी संपत्ति, उसी को लीज पर देने का दावा

इस मामले में सबसे ज्यादा चर्चा संपत्तियों की खरीद और लीज के सौदे को लेकर हो रही है। रिपोर्ट के अनुसार, उदयपुर स्थित 20 कॉटेज उसी कंपनी को 80 लाख रुपये सालाना किराए पर दिए गए, जिससे इन्हें खरीदा गया था। वहीं, अलवर स्थित 20 विला को भी उसी कंपनी को एक करोड़ रुपये सालाना की लीज पर देने की जानकारी सामने आई है।

इस तरह दोनों संपत्तियों से सालाना कुल 1.80 करोड़ रुपये किराया मिलने का दावा किया गया है। खरीद और लीज के बीच इस संबंध को लेकर सवाल उठ रहे है। मामले में इन सौदों की शर्तों और वित्तीय पहलुओं की जांच महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

सरकार ने IAS अधिकारी को किया APO

संपत्ति खरीद और लीज से जुड़े मामले के चर्चा में आने के बाद राजस्थान सरकार ने शिखर अग्रवाल को APO कर दिया है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी के आधार पर यह स्पष्ट नहीं है कि संपत्ति संबंधी आरोपों पर जांच का अंतिम निष्कर्ष क्या निकला है। मामले में आगे की कार्रवाई जांच के निष्कर्षों और संबंधित दस्तावेजों के आधार पर तय होगी।

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