
तमिलनाडु : राजनीति में मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय को लेकर चल रही प्रधानमंत्री पद की अटकलों के बीच कांग्रेस की ओर से बड़ा दावा सामने आया है। कांग्रेस विधायक दल की नेता थराहाई कथबर्ट ने कहा है कि विजय प्रधानमंत्री पद के लिए राहुल गांधी के नाम को ही स्वीकार करते हैं। उनके इस बयान के बाद कांग्रेस और टीवीके के बीच नेतृत्व को लेकर चल रही चर्चाओं पर विराम लगने के संकेत मिले हैं।दरअसल, अब तक यह स्पष्ट नहीं था कि INDIA गठबंधन आगामी लोकसभा चुनाव में प्रधानमंत्री पद के लिए किस चेहरे को आगे करेगा। इसी बीच एक सर्वे में विजय को प्रधानमंत्री पद के लिए पसंदीदा चेहरों में बताया गया था, जिसके बाद कांग्रेस और टीवीके के रिश्तों को लेकर राजनीतिक अटकलें तेज हो गई थीं।
कांग्रेस ने विजय के नाम को बताया कार्यकर्ताओं की राय
थराहाई कथबर्ट ने विजय को प्रधानमंत्री पद का चेहरा बताए जाने वाली चर्चाओं को पार्टी की आधिकारिक लाइन मानने से इनकार किया। उन्होंने कहा कि स्थानीय स्तर पर विजय का नाम सामने आना पार्टी नेतृत्व का निर्णय नहीं, बल्कि कार्यकर्ताओं के उत्साह से जुड़ा मामला है।उनके मुताबिक कांग्रेस और टीवीके गठबंधन में हैं, लेकिन कांग्रेस की अपनी राजनीतिक पहचान और स्वतंत्र निर्णय प्रक्रिया बनी रहेगी।
राहुल गांधी को लेकर क्या बोलीं कांग्रेस विधायक
कांग्रेस विधायक ने दावा किया कि मुख्यमंत्री विजय भी राहुल गांधी को प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार के तौर पर देखते हैं। उन्होंने संकेत दिया कि गठबंधन की आगे की राजनीतिक रणनीति इसी समझ के आधार पर तैयार की जाएगी।इस बयान को इसलिए अहम माना जा रहा है क्योंकि विजय के नेतृत्व वाली टीवीके और कांग्रेस के बीच प्रधानमंत्री पद के चेहरे को लेकर पिछले कुछ समय से अलग-अलग दावे सामने आ रहे थे।
मंत्री के बयान से बढ़ा था विवाद
इससे पहले तमिलनाडु सरकार में मंत्री एस. राजेश कुमार के बयान ने इस मुद्दे को और गरमा दिया था। उन्होंने कहा था कि यदि टीवीके राहुल गांधी को प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार के तौर पर स्वीकार नहीं करती है तो सरकार में शामिल कांग्रेस के मंत्री पद छोड़ देंगे।उन्होंने राहुल गांधी को देश का अगला प्रधानमंत्री बनने की बात भी कही थी। इसके बाद गठबंधन में नेतृत्व को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई थी।
18 अगस्त के बयान ने बढ़ाया था सस्पेंस
विवाद की शुरुआत इससे पहले दिए गए एक बयान से भी जुड़ी है। 18 अगस्त को तमिलनाडु सरकार में मंत्री एम. शरतकुमार ने विजय को देश के अगले प्रधानमंत्री के तौर पर पेश किया था। उनके बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा तेज हो गई थी कि क्या टीवीके कांग्रेस से अलग राजनीतिक दिशा में आगे बढ़ रही है।अब कांग्रेस की ओर से राहुल गांधी के समर्थन को लेकर आए बयान ने उस तस्वीर को बदलने की कोशिश की है।
गठबंधन की राजनीति के लिए क्यों अहम है यह बयान
विजय की पार्टी टीवीके और कांग्रेस के बीच राजनीतिक तालमेल तमिलनाडु की चुनावी राजनीति में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। ऐसे में प्रधानमंत्री पद के चेहरे को लेकर दोनों दलों के नेताओं के अलग-अलग बयान गठबंधन की एकजुटता पर सवाल खड़े कर सकते थे।थराहाई कथबर्ट के ताजा दावे से फिलहाल कांग्रेस यह संदेश देने की कोशिश करती दिखाई दे रही है कि गठबंधन के भीतर प्रधानमंत्री पद को लेकर कोई बड़ा मतभेद नहीं है और राहुल गांधी के नाम पर सहमति कायम है।




















