क्योंझर: ओडिशा के क्योंझर जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए ओडिशा विजिलेंस ने जिला श्रम अधिकारी को 20 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार अधिकारी की पहचान आकाश बिसोई, OLS-1, जिला श्रम अधिकारी, क्योंझर के रूप में हुई है।

जानकारी के मुताबिक, अधिकारी पर एक इलेक्ट्रिकल ठेकेदार से उसकी एजेंसी के लिए लेबर लाइसेंस जारी करने के एवज में 20 हजार रुपये की रिश्वत मांगने का आरोप है। शिकायत मिलने के बाद विजिलेंस ने जाल बिछाया और 30 अगस्त की शाम अधिकारी को रिश्वत की रकम लेते पकड़ लिया। आरोपी के कब्जे से रिश्वत के पूरे 20 हजार रुपये बरामद कर जब्त किए गए।

लेबर लाइसेंस के लिए मांगी रिश्वत

बताया गया कि शिकायतकर्ता इलेक्ट्रिकल ठेकेदार को TPNODL की ओर से इलेक्ट्रिकल इंस्टॉलेशन का काम मिला था। काम के लिए मजदूरों को नियोजित करने के लिए लेबर लाइसेंस जरूरी था। ठेकेदार ने 14 अगस्त को ऑनलाइन आवेदन कर अपनी एजेंसी के नाम पर लाइसेंस जारी करने का अनुरोध किया था।इसके बाद 16 अगस्त को जब ठेकेदार ने जिला श्रम अधिकारी से लाइसेंस के संबंध में जानकारी ली, तो आरोप है कि आकाश बिसोई ने लाइसेंस जारी करने के बदले 20 हजार रुपये की मांग की। परेशान होकर ठेकेदार ने इसकी शिकायत विजिलेंस से की।
शिकायत की पुष्टि के बाद विजिलेंस टीम ने ट्रैप की योजना बनाई। तय योजना के तहत 30 अगस्त की शाम अधिकारी को शिकायतकर्ता से 20 हजार रुपये लेते हुए पकड़ लिया गया।

सरकारी आवास में मिला लाखों का कैश और सोना

रिश्वत के मामले में गिरफ्तारी के बाद विजिलेंस ने आरोपी अधिकारी से जुड़े दो ठिकानों पर एक साथ तलाशी अभियान चलाया। यह कार्रवाई आय से अधिक संपत्ति के संभावित मामले को लेकर की गई।तलाशी के दौरान क्योंझर स्थित अधिकारी के सरकारी आवास से 7 लाख 29 हजार 200 रुपये नकद बरामद हुए। इसके अलावा करीब 300 ग्राम सोने के आभूषण भी मिलने की जानकारी सामने आई है। विजिलेंस ने नकदी और अन्य सामान को जब्त कर लिया है।

भ्रष्टाचार निवारण कानून के तहत केस

मामले में बालेश्वर विजिलेंस थाना केस नंबर 18/2026 दर्ज किया गया है। आरोपी अधिकारी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण (संशोधन) अधिनियम, 2018 की धारा 7(b) के तहत मामला दर्ज किया गया है।फिलहाल विजिलेंस टीम रिश्वतखोरी के आरोप के साथ-साथ तलाशी में मिली नकदी और सोने के आभूषणों के स्रोत की भी जांच कर रही है। आय से अधिक संपत्ति से जुड़े पहलुओं को भी जांच के दायरे में रखा गया है।

Leave a reply

Please enter your name here
Please enter your comment!