MP News: मध्य प्रदेश में नर्सिंग शिक्षा में दाखिले को लेकर एक बड़ा और अहम बदलाव सामने आ सकता है। यदि प्रस्ताव को मंजूरी मिलती है तो GNM यानी जनरल नर्सिंग एंड मिडवाइफरी कोर्स में प्रवेश की मौजूदा परीक्षा प्रणाली समाप्त हो सकती है। अभी तक इस कोर्स में दाखिले के लिए जनरल नर्सिंग सिलेक्शन टेस्ट आयोजित किया जाता था, जिसे कर्मचारी चयन मंडल संचालित करता है। लेकिन अब इस पूरी प्रक्रिया को बदलने पर गंभीरता से विचार चल रहा है।

12वीं के अंकों के आधार पर सीधा एडमिशन, मेरिट सिस्टम की ओर बढ़ता रुझान

नए प्रस्ताव के अनुसार भविष्य में छात्रों को प्रवेश परीक्षा देने की जरूरत नहीं पड़ सकती। इसकी जगह 12वीं कक्षा के अंकों के आधार पर मेरिट तैयार की जाएगी और उसी के आधार पर प्रवेश दिया जाएगा। यह बदलाव नर्सिंग शिक्षा को अधिक सरल और पारदर्शी बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।

INC नियमों के अनुरूप एक समान प्रवेश व्यवस्था लागू करने की तैयारी

हाल ही में हुई एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में अपर मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल ने निर्देश दिए हैं कि इंडियन नर्सिंग काउंसिल के नियमों के अनुसार राज्य में एक समान प्रवेश प्रणाली लागू की जाए। इसका उद्देश्य देशभर में नर्सिंग एडमिशन प्रक्रिया को एक जैसा और मानकीकृत बनाना है, ताकि छात्रों को अलग अलग नियमों की उलझन से राहत मिल सके।

अन्य राज्यों की तर्ज पर मध्य प्रदेश भी अपनाएगा नई व्यवस्था

देश के कई राज्यों में पहले से ही नर्सिंग और मेडिकल कोर्स में प्रवेश के लिए NEET या मेरिट आधारित प्रणाली लागू है। इसी मॉडल को देखते हुए मध्य प्रदेश में भी प्रवेश प्रक्रिया को अपडेट करने की दिशा में कदम बढ़ाए जा रहे हैं। यह बदलाव शिक्षा व्यवस्था को राष्ट्रीय स्तर के मानकों के करीब लाने का प्रयास माना जा रहा है।

छात्रों को मिलेगा बड़ा फायदा, तैयारी का दबाव होगा कम

यदि यह प्रस्ताव लागू हो जाता है तो छात्रों के लिए यह एक बड़ी राहत साबित हो सकती है। उन्हें अलग से प्रवेश परीक्षा की तैयारी नहीं करनी पड़ेगी। इससे समय की बचत के साथ आर्थिक बोझ भी कम होगा। खासकर उन छात्रों के लिए यह व्यवस्था फायदेमंद हो सकती है जो परीक्षा तैयारी के संसाधनों से वंचित रहते हैं।

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