मध्य प्रदेश : सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद मध्य प्रदेश पुलिस ने गिरफ्तारी प्रक्रिया को लेकर बड़ा बदलाव किया है। नए सर्कुलर के अनुसार अब किसी भी व्यक्ति को गिरफ्तार करने से पहले पुलिस को ठोस कारण लिखित रूप में बताना अनिवार्य होगा। इस फैसले का उद्देश्य नागरिकों के अधिकारों की बेहतर सुरक्षा सुनिश्चित करना है।

मौखिक नहीं, लिखित जानकारी देना जरूरी
नई व्यवस्था के तहत पुलिस अब केवल मौखिक सूचना देकर गिरफ्तारी नहीं कर सकेगी। गिरफ्तारी के स्पष्ट कारण लिखित रूप में देना होगा और यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि संबंधित व्यक्ति उस भाषा में जानकारी समझ सके। यानी जानकारी स्थानीय या समझ में आने वाली भाषा में दी जाएगी।

गिरफ्तारी से पहले 2 घंटे का नोटिस, पारदर्शिता पर जोर
सर्कुलर के अनुसार पुलिस को गिरफ्तारी से लगभग 2 घंटे पहले लिखित सूचना देना जरूरी होगा। इससे व्यक्ति को अपने अधिकारों की जानकारी मिल सकेगी और प्रक्रिया में पारदर्शिता आएगी।

सभी अधिकारियों को सख्त निर्देश, नियम पालन अनिवार्य
पुलिस मुख्यालय ने सभी पुलिस आयुक्तों और पुलिस अधीक्षकों को निर्देश दिए हैं कि वे इस व्यवस्था का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराएं। अधीनस्थ कर्मचारियों को भी इन नियमों के पालन के लिए स्पष्ट निर्देश जारी किए गए हैं।

नियम तोड़ने पर कार्रवाई, गिरफ्तारी हो सकती है अवैध
यदि पुलिस इन निर्देशों का पालन नहीं करती है, तो गिरफ्तारी को अवैध माना जा सकता है। संबंधित अधिकारियों के खिलाफ न्यायालय की अवमानना या विभागीय कार्रवाई भी की जा सकती है। साथ ही, आरोपी को तत्काल रिहाई का अधिकार मिल सकता है।

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