दिल्ली :  मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्षी सांसदों के प्रदर्शन के दौरान हुए हंगामे ने अब राजनीतिक विवाद का रूप ले लिया है। जंतर-मंतर जाने की कोशिश कर रहे विपक्षी सांसदों को पुलिस ने रोका, जिसके बाद मौके पर धक्का-मुक्की हुई और कई नेताओं को हिरासत में लिया गया।

इसी घटनाक्रम से जुड़े कुछ वीडियो सामने आने के बाद भाजपा ने कांग्रेस नेताओं के व्यवहार पर सवाल उठाए हैं। दिल्ली पुलिस भी प्रदर्शन के दौरान सामने आए वीडियो की जांच कर रही है।

प्रियंका गांधी पर BJP का आरोप क्या है?

भाजपा ने आरोप लगाया है कि प्रदर्शन के दौरान प्रियंका गांधी ने एक महिला पुलिसकर्मी को कोहनी मारी। इस दावे से जुड़ा वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहा है। हालांकि, घटना के पूरे संदर्भ और वीडियो की परिस्थितियों की जांच पुलिस कर रही है, इसलिए आरोप को फिलहाल आरोप के तौर पर ही देखा जाना चाहिए।

वहीं, प्रदर्शन के दौरान प्रियंका गांधी ने पुलिस पर अपने साथ बदसलूकी और धक्का देने का आरोप लगाया था। उन्होंने कहा था कि महिला सांसदों के साथ भी पुलिस ने बल प्रयोग किया।

राहुल गांधी पर भी भाजपा ने लगाए आरोप

भाजपा ने एक अन्य वीडियो के आधार पर राहुल गांधी पर भी महिला पुलिसकर्मी को धक्का देने का आरोप लगाया है। इंडिया टुडे के अनुसार, भाजपा ने राहुल गांधी के कथित व्यवहार पर सवाल उठाए हैं, जबकि कांग्रेस की ओर से इस आरोप पर तत्काल प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी।

दिल्ली पुलिस प्रदर्शन के दौरान पुलिसकर्मियों के साथ कथित धक्का-मुक्की से जुड़े कई वीडियो का परीक्षण कर रही है। रिपोर्टों के मुताबिक, जांच के बाद संबंधित धाराओं में कार्रवाई और FIR पर फैसला लिया जा सकता है।

जंतर-मंतर जाने से पहले क्यों रोके गए विपक्षी सांसद?

7 अक्टूबर को राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा और INDIA ब्लॉक के कई सांसद जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के लिए जा रहे थे। पुलिस ने उनके काफिले को आगे बढ़ने से रोक दिया। इसके बाद नेताओं ने सड़क पर बैठकर विरोध जताया और स्थिति तनावपूर्ण हो गई। बाद में राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और अन्य विपक्षी नेताओं को हिरासत में लिया गया।

दिल्ली पुलिस का कहना था कि जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के लिए पूर्व अनुमति जरूरी है और निर्धारित प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया था।

चुनाव आयोग के खिलाफ जारी है विपक्ष का विरोध

यह पूरा विवाद मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ चल रहे विपक्षी आंदोलन का हिस्सा है। कांग्रेस और INDIA ब्लॉक के नेता SIR यानी मतदाता सूची के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन को लेकर सवाल उठा रहे हैं और ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। चुनाव आयोग ने हालांकि आयोग के भीतर मतभेदों को सामान्य बताते हुए कहा है कि उसके फैसले निर्धारित प्रक्रिया के तहत लिए जाते हैं।

फिलहाल प्रदर्शन के दौरान सामने आए वीडियो और उनके आधार पर लगाए जा रहे आरोपों की पुलिस जांच कर रही है। ऐसे में आगे की कानूनी कार्रवाई जांच के निष्कर्षों पर निर्भर करेगी।

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